इदरीस मंसूरी, गुना (मप्र), NIT:

राजगढ़ जिले के समस्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक में शामिल सहायक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल, जितेंद्र सोम कुँवर और जिला शिक्षा अधिकारी करणसिंह भिलाला को ज्ञापन सौंपा।

प्रशिक्षकों ने बताया कि एप्लीकेशन में तकनीकी त्रुटि के कारण कई प्रशिक्षकों को 100 प्रतिशत उपस्थिति होने के बावजूद पूरे माह का वेतन नहीं मिल रहा है और केवल एक दिन का वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा उपस्थिति रजिस्टर से सत्यापन किए जाने के बावजूद उपस्थिति मान्य नहीं की जा रही।
प्रशिक्षकों का कहना है कि बिना किसी प्रशिक्षण के उपस्थिति एप्लीकेशन लागू कर दी गई, जिससे वेतन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रशिक्षकों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले 10 वर्षों से व्यावसायिक प्रशिक्षक ₹20,000 के समान वेतन पर कार्य कर रहे हैं। सत्र 2023-24 में वेतन ₹2,000 बढ़ाकर ₹22,000 किया गया था, लेकिन बाद में इसे पुनः घटाकर ₹20,000 कर दिया गया, जिससे प्रशिक्षकों में असंतोष है।
इसके अतिरिक्त वर्तमान में मिलने वाले एक आकस्मिक अवकाश को समाप्त किए जाने की सूचना मिलने से और नाराजगी बढ़ी है।
प्रशिक्षकों ने अधिकारियों से एप्लीकेशन की तकनीकी त्रुटियों में सुधार, लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान, उपस्थिति प्रणाली को सरल बनाने और वेतन व अवकाश संबंधी निर्णयों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
उन्होंने आग्रह किया कि इन समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान किया जाए, ताकि वे बिना मानसिक तनाव के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।
