रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ शारदा विद्या मंदिर में नवीन शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत एक भव्य पेरेंट्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के नवप्रवेशित छात्रों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, मूल्य आधारित शिक्षा, सुरक्षा, अनुशासन एवं गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें संस्था संचालक श्री अथर्व शर्मा, डॉ. खुशी शर्मा, श्रीमती किरण शर्मा, सीईओ श्रीमती अंबिका टवली, प्राचार्य श्रीमती दीपशिखा तिवारी, उपप्राचार्य श्री मकरंद आचार्य सहित वरिष्ठ शिक्षकों ने सहभागिता की। तत्पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने समस्त वातावरण को भावमय बना दिया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना उपप्राचार्य श्री मकरंद आचार्य ने दी, जिन्होंने विद्यालय की विशेषताओं, उपलब्धियों एवं समर्पित कार्यशैली की जानकारी देते हुए सभी अभिभावकों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात मंच पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों का परिचय करवाया गया। सभी शिक्षकों ने प्राचार्य श्रीमती दीपशिखा तिवारी के साथ शपथ लेते हुए यह संकल्प लिया कि वे प्रत्येक बालक का मार्गदर्शन निष्ठा, सुरक्षा, सेवा एवं वात्सल्य भाव से करेंगे।
पूर्व प्राथमिक एवं प्राथमिक कक्षाओं का प्रेजेंटेशन श्रीमती प्राची चौहान द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें शैक्षणिक योजनाओं एवं बाल केंद्रित गतिविधियों की जानकारी दी गई। वहीं मिडिल एवं हायर सेक्शन के शैक्षणिक ढांचे और अनुशासन पर शिक्षक श्री अरुण एस ने अभिभावकों को विस्तार से बताया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रैम्प वॉक, प्री-प्राइमरी प्रजेंटेशन, सांस्कृतिक समूह नृत्य एवं अन्य रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संस्था संचालक श्री अथर्व शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “विद्यालय और अभिभावक एक ही रथ के दो पहिए हैं, जिनकी सहभागिता से ही संस्कारवान व आत्मनिर्भर पीढ़ी का निर्माण संभव है।” उन्होंने सभी अभिभावकों से विद्यालय की नीतियों और प्रयासों में सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नेहा आचार्य ने किया।
राष्ट्रगान के साथ औपचारिक कार्यक्रम का समापन हुआ। तत्पश्चात आयोजित विषयगत प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, कला, गणित, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर “भारत को भारत कहें” हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत सभी अभिभावकों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर कर भारत की सांस्कृतिक पहचान के सम्मान में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी अभिभावकों को पौधों का वितरण कर प्रकृति के प्रति दायित्व का संदेश दिया गया साथ ही परिसर में स्थित पद्मा गौशाला में सभी अभिभावकों ने गौसेवा कर पुण्य लाभ भी लिया। कार्यक्रम में विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ उपस्थित रहा और सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत सफल, प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

