जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

वक़्फ़ संशोधन बिल को लेकर देश के कई हिस्सों में आज जुमे की नमाज़ के बाद विरोध प्रदर्शन हुए। मस्जिदों से निकलते ही लोगों ने सड़कों पर आकर बिल के खिलाफ नारेबाज़ी की। इस दौरान “हारे मोदी, हारे अमित शाह, हारे नीतीश कुमार, हायरे चंद्रबाबू नायडू” जैसे नारे गूंजे। प्रदर्शन की तैयारियां पहले से ही सोशल मीडिया पर देखी जा रही थी, जहाँ पर तमाम संगठनों और नागरिकों ने इस बिल को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया।

इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी एक पत्र जारी कर मुस्लिम समुदाय और अन्य धर्मों के अमन पसंद लोगों से अपील की है कि जब भी ज़रूरत हो, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार रहें। सूत्रों की मानें तो एक बड़े स्तर पर राष्ट्रव्यापी विरोध की तैयारी पूरी हो चुकी है, बस AIMPLB की ओर से औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है।

वक़्फ़ संशोधन बिल के पास होने के बाद से खासकर मुस्लिम समुदाय में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। लोग इस कानून को अपने धार्मिक और सामाजिक अधिकारों के खिलाफ बता रहे हैं। कई संगठनों ने इसे “वक़्फ़ संपत्तियों पर हस्तक्षेप” करार दिया है और सरकार से तुरंत बिल को वापस लेने की मांग की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है, क्योंकि हालात बता रहे हैं कि विरोध की यह चिंगारी किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।

