नरेंद्र कुमार ब्यूरो चीफ,जलगांव (महाराष्ट्र),NIT:

स्व बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग नाम शानदार टोल वजनदार । मुंबई से नागपुर 950 किमी तक बिछाया यह तेज सड़क कॉरिडोर महाराष्ट्र सरकार के लिए टैक्स की शक्ल में रुपया छापने वाला टकसाल बन गया है ।इस सड़क पर 2 रुपया 60 पैसा प्रति किलो मीटर से पैसा देना पड़ता है।इस शीघ्र गती मार्ग पर आपको एक कप चाय के लिए 25 और 40 रुपए देने पड़ते है। प्रारंभ से अंत तक रेल मार्ग की तरह दोनो तरफ से संरक्षित तीन लेन को काटकर किसी उद्यमी को होटल के लिए सर्विस रोड चाहिए तो मंत्रालय के अंकित PWD विभाग को करोड़ो का चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है।

सूत्रों के मुताबिक बताया गया कि पेट्रोल डीज़ल पंप जैसी अत्यावश्यक सेवा को समृद्धि के सुरक्षा और आवश्यकता से जोड़कर सर्विस रोड के प्रस्ताव तैयार किए जाते है। प्रस्ताव को मंजूर कराने के लिए करोड़ो रुपए की रिश्वत की मांग और आपूर्ति की जाती है। पहले पेट्रोल डीज़ल पंप फ़िर महंगे होटल रेस्टोरेंट रेस्त्रां अन्य बिजनेस सेट होते है ।समृद्धि के अगल बगल मे कितने पंप और होटल्स है इसकी आधिकारिक संख्या हमारे पास उपलब्ध नही है ।भविष्य मे केन्द्र सरकार इस सड़क को अपने अधिकार मे ले सकती है इस बात के डर से लेनदेन को आसान बनाया जाता है ! समृद्धि से पीड़ित भूमिहीन किसानो को सड़क किनारे चाय का ठेला तक लगाने पर कानूनी रूप से मनाही है ।देवेंद्र फडणवीस ने समृद्धि को बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार का टूल किट बनाया । यही टूल अब अधिकारियो के लिए कमाई का कीट बनता नजर आ रहा है ।अगली रिपोर्ट मे हम आपको समृद्धि के घटिया निर्माण के बारे मे जानकारी देंगे।

