जनजाति आदिवासी समाज के बड़ा देव पारी कुपार लिंगो संगीत गुरु हीरा सुका की हुई मूर्ति स्थापना | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

जनजाति आदिवासी समाज के बड़ा देव पारी कुपार लिंगो संगीत गुरु हीरा सुका की हुई मूर्ति स्थापना | New India Times

जनजाति आदिवासी समाज के बड़ा देव, पारी कुपार लिंगो संगीत गुरु हीरा सुका की मूर्ति स्थापना पूर्व महामहिम राज्यपाल सुश्री अनसुईया उईके, पूर्व केंद्रीय मंत्री, सांसद मंडला लोकसभा माननीय फगन सिंह कुलस्ते जी की उपस्थिति में स्थापित किया गया।

राजा जाटबा शाह आदिवासी विकास एवं उत्थान समिति पांढुरना द्वारा साईं पेट्रोल पंप के पीछे, चिचखेड़ा पाटी जिला पांढुरना में भूमि खरीद कर प्रकृति शक्ति बड़ादेव, धर्मगुरु पारी कुपार लिंगो एवं महान संगीत गुरु हीरासुका की प्रतिमाओं की स्थापना, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जन जागृति संबंधी संगोष्ठी का आयोजन 2 फरवरी 2025 दिन रविवार को किया गया। मूर्ति के साथ हजारों की संख्या में जनजाति आदिवासी समाज पारंपरिक वेशभूषा के साथ भावय शोभा यात्रा शहर नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्ड से होते हुए लगभग तीन किलोमीटर की दूरी धनुष लान तक ढोल बाजे के साथ नाचते हुए अनुशासन के साथ मुख्य स्थल पर पहुंचे इस शोभा यात्रा पर विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ आदिवासी नेता राकेश परते विशेष रूप से उपस्थित रहे एवं नाचते हुए अपनी खुशी जाहीर की साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष संदीप जी ने अपने साथियो सहित फूलो की वर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व महामहिम राज्यपाल सुश्री अनसूईया उईके एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मंडला श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, विशेष अतिथि अमरवाड़ा विधायक राजा कमलेश शाह, विधायक, पूर्व विधायक नत्थन शाह कवड़ेती, समिति के संरक्षक जतन उईके, अध्यक्ष टीकाराम कोरांची जनपद पंचायत अध्यक्षा लता तुमडाम, विक्रम आहके, जिला अध्यक्ष भाजपा संदीप मोहोड, पूर्व कलेक्टर डॉक्टर श्याम सिंह कुमरे, प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी एच ई संजय कुमार अंधवान, श्री विवेक नागभीरे महामंत्री विदर्भ अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, वरिष्ठ समाज सेवी श्री राकेश परते प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय प. जनजाति उत्थान समिति नई दिल्ली वरिष्ठ समाजसेवी मोरेश्वर मार्सकोले, प्रकाश उईके, श्रीमती कृष्णा कुंमरे पूर्व संचालक वित्त विभाग, श्रीमती वंदना परते अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी, एडवोकेट रवि धुर्वे, वरिष्ठ समाज सेवी नामदेव, मनीष अंधवान, संजय परतेती, बिपत लाल वाडीवा, गौतम धुर्वे, आकाशवाणी गायक राजेश सरीयाम, बसंत कवडे, सुखनंदन आहके आदि विशेष अतिथि तथा सभी सदस्य तथा समाज के लोग बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र राज्यों से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

जनजाति आदिवासी समाज के बड़ा देव पारी कुपार लिंगो संगीत गुरु हीरा सुका की हुई मूर्ति स्थापना | New India Times

महामहीम पूर्व राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके ने कहा कि हमारे समाज के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीयों को हमारे समाज के उत्थान के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जब मैं राज्यसभा सदस्य थी तो छिंदवाड़ा और सौसर में भी समाज के लिए मैने राशि दी मैं गवर्नर थी तब राज भवन हमेशा समाज के लोगों के लिए 24 घंटे खुला रहा पूर्व राज्यपाल महोदय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद कुलस्ते जी को कहा आप से भी समाज को उम्मीद है आप भी यहां आए हैं कुछ ना कुछ राशि समाज के लिए जरूर देंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते जी ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न आदिवासी समाज जनजाति समाज रहता है कई सरकारी नौकरियों के पद खाली है जिसे आदिवासी समाज के लोगों को रोजगार मिलेगा हम सब मिलकर सरकार से अपनी बात रखेंगे ताकि रोजगार मिल सके अमरवाड़ा के विधायक माननीय राजा कमलेश शाह ने प्रत्येक सांस्कृतिक कार्यक्रम मैं हिस्सा लेने वाले ग्रुप के बच्चियों को एक-एक हजार रुपए का इनाम दिया वरिष्ठ आदिवासी नेता राकेश परते ने कहा माननीय पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद फगन सिंह कुलस्ते जी, पूर्व राज्यपाल दीदी अनसूया उईके जी देश के जनजाति आदिवासी नेता है अमरवाड़ा विधायक माननीय राजा कमलेश शाह जब जनता के बीच जाते हैं तो कुछ ना कुछ सौगात जरूर देते हैं डॉक्टर श्याम सिंह कुमारे जी ने शिक्षा और संस्कृति पर अपनी बात सागा जनों के बीच रखी, संजय अधमान जी ने हीरासुका संगीत शिक्षा की विस्तृत जानकारिया दी संजय ईरपाचे ने कहा पांढुर्णा जिले के जनजाति आदिवासी बच्चे है जो पी एस सी की कोचिंग करना चाहते है उन्हें निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराऊंगा श्रीमती कृष्णा कुमारे ने कहा जन्म से लेकर अंतिम संस्कार संगीत से शुरू होकर संगीत से ही खत्म होता है समाज की बच्चिय भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा ले रही है महिला हर परिवार घर में प्रमुख होती हैं नौकरियां भी करनी पड़ती है घर का काम भी करना पड़ता है समाज की महिलाओं को भी अब आगे आने की जरूरत हैं अन्य अतिथियों ने भी कहा कि आज भी आदिवासी समाज पिछड़ा हुआ है अतः सभी को आपसी मतभेद को भुलाकर, संगठित होकर एक दूसरे का सहयोग कर अपनी संस्कृति को बचाना है तथा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने समाज को विकास की मुख्य धारा में जोड़ना है।

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