मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के कमल टॉकीज चौराहे पर बनी मूत्रालय में जिले भर से आए लोग जन सुविधा आते जाते हैं परंतु जब वह वहां जाते हैं तो वहां से मुंह पर कपड़ा लगाकर वापस चलते हैं क्योंकि वहां की स्थिति इतनी खराब है कि कितने में इमरजेंसी आ जाए आदमी वहां जाना पसंद नहीं कर रहा है वहां की फर्शी भी उखड़ गई है। यदि गलती से कोई स्लिप हो जाए तो वह बुरी तरह निपट सकता है परंतु नगर निगम इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। जब इसका निर्माण हुआ था तो वह बहुत ही सुंदर और आकर्षित लगती थी परंतु उसके बाद किसी भी प्रकार से जिले की शौचालय हो या मूत्रालय की कंडीशन बहुत खराब है।
स्वच्छ भारत के संदर्भ में काग़ज़ों पर जहां हम सबसे आगे हो सक ते हैं परंतु यह नज़ारा देखने के बाद में कहीं ना कहीं हमको अफ़सोस तो होता है। क्योंकि कागजों पर ही स्वच्छता ग्रीन एंड क्लीन दिख रही है। यही हाल में उर्दू प्राइमरी स्कूल नंबर 1 और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुराने नेहरू हॉस्पिटल के सामने स्थित शौचालय का भी यही है। यहां पर भी लापरवाही के साथ-साथ अनेक अवस्थाएं हैं।
