समरस संस्थान की काव्य गोष्ठी में कवियों और कवियित्रियों ने अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

समरस संस्थान की काव्य गोष्ठी में कवियों और कवियित्रियों ने अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन | New India Times

समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत की धौलपुर इकाई द्वारा कामाक्षी आईटीआई के सभा भवन में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। धौलपुर के वयोवृद्ध कवि नत्थी लाल त्यागी के मुख्य आथित्य में आयोजित इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष गोविन्द शर्मा पटवारी ने की। स्थानीय 24 साहित्यकारों ने अपने मधुर कंठ से हास्य व्यंग्य ओज श्रृंँगार व देशभक्ति के गीत गजल छंद, मुक्तकों से चार घंटे तक समां बांधे रखा तथा श्रोताओं की भरपूर तालियांँ बटोरीं। संचालन करते हुए कवि गोविंद गुरु पटवारी ने अश्क शीर्षक से विदाई देख कर बेटी की अश्क खुद भी तो रो रहे होंगे रचना पढी। विकल फर्रुखाबादी ने कोई नीचा न रहे और ना कोई ऊंचा हो पढ़कर नए संसार की कल्पना की सुप्रसिद्ध शायर नूर धौलपुरी ने सच्चाई को बल देते हुए सच बात कहना जिनकी आदत में हो गया उस आदमी का नाम इबादत में हो गया विशिष्ट अतिथि संस्था के संरक्षक वीरेंद्र त्यागी ने वोटों ने बेटों को बांट दिया है बेटे ने मां पर ही घात किया है रचना पढ़कर सभी को आनंदित किया। वरिष्ठतम कवि नत्थी लाल त्यागी ने ब्रजभाषा के संवर्धन पर जोर देते हुए अनेक छंद मुक्तक गीतों के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की महिमा को गाया मनियाँ के कवि सुरेंद्र शर्मा ने सिसक रहा है मांँ का आंँचल चेहरा लोहू लुहान है के द्वारा भारत की तस्वीर को रेखांकित किया मनोज मनुज ने सब सुखी हो देशवासी भावना मन की रहे पढकर खुशहाल भारत की कल्पना की शायर मुजफ्फर अली धौलपुरी ने एक जुनूने जिंदगी है हसरते ना काम से स्वर्ग भारत को बना दो प्यार के पैगाम से गज़ल पढ़कर देश प्रेम का संदेश दिया बुजुर्ग शायर जमील धौलपुरी ने जो भी ऊंँची उड़ान भरता है वक्त उसके ही पर कतरता है वक्त के अंदाज को शेर कहकर बयां किया साबिर धौलपुरी ने पैगामे वफ़ा लेकर अब कबूतर नहीं आते रचना के माध्यम से मोबाइल के जमाने के गुण दोष को बताया श्रृंँगार के कवि हरेंद्र हर्ष ने हवा जब तेज चलती है तुम्हें हम याद करते हैं गीत पढ़कर सभी को गदगद कर दिया। घनश्याम शर्मा ने देश की मिट्टी को नमन करते हुए वतन एक ही है भजन एक ही है कहकर देश की खुशहाली की कामना की कवि प्रेम परदेसी ने चम्बल नदी के जल की महिमा को वर्णन करते हुए चल चम्बल चम्बल शीर्षक से भरपूर तालियांँ बटोरीं डा. पवित्र कुमार पवित्र ने नवीन भारत की कल्पना कर आदर्श प्रेरणा प्रेम और संस्कृति को अपनाना होगा के माध्यम से भाव विभोर कर दिया कवि मनोज बेचैन ने अच्छे दिन आकर चले गए कितने प्यारे नोट अदला बदली में चले गए व्यंग्य कहकर आनंदित कर दिया मनियाँ से योगेंद्र लाल संतानियाँ ने गजल के माध्यम से मरने से कब हमें इंकार है साहेब बस थोड़ा सा जिंदगी से प्यार है साहेब गज़ल पढ़कर चिंतन को मजबूर कर दिया मुकेश सिकरवार दादा ने बहुत मुश्किल है सभी से रिश्ते बनाए रखना गजल के माध्यम से जिंदगी की तस्वीर को चित्रित किया कार्यक्रम में कवियों के साथ-साथ कवयित्रियों ने भी मार्मिक रचनाओं का मार्मिक पाठ किया संस्थान की उपाध्यक्ष प्रिया शुक्ला ने श्रृंगार की रचना प्रेम चाहत है क्या हम नहीं जानते से भाव विभोर कर दिया तेरे घर ईद और मेरे घर दिवाली की रचना पढ़कर भाईचारे का संदेश दिया नंदिनी शर्मा ने नारी शक्ति को सर्वोपरि बताते हुए धरती पर देखो छाई नारी शक्ति विश्व में समायी नारी शक्ति रचना से महिमा मंडित किया वरिष्ठ कवयित्री पूर्णिमा शर्मा ने मांँ और बेटी का संवाद स्थापित कर रचना के माध्यम से समाज में नारी के महत्व को रेखांकित कर कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए घातक बताया बाल कवि रुद्र प्रताप ने देशभक्ति की रचना पर मिट्टी के कण-कण को चंदन बना दिया वही युवा शायर राहुल राज ने दुख से अच्छा है नहीं कोई मेरा यार बिना बुलाए द्वार पर आ जाता हर बार से श्रोताओं को चिंतन के लिए मजबूर कर दिया कवि रमाकांत गर्ग ने जीवन के उतार-चढ़ाव पर रचना पढ़कर वाहवाही लूटी शहर के वरिष्ठ शायर एडवोकेट माहिर हसन ने अपने शेरों के माध्यम से भाईचारे का संदेश देकर जिंदगी के वास्तविक अर्थ को समझाया कार्यक्रम के अंत में कामाक्षी के व्यवस्थापक कुलदीप त्यागी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version