हम होंगे कामयाब पखवाड़ा का आयोजन प्रदेश में जागरूकता फैलाने और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए सकारात्मक कदम है | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

हम होंगे कामयाब पखवाड़ा का आयोजन प्रदेश में जागरूकता फैलाने और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए सकारात्मक कदम है | New India Times

हम होंगे कामयाब कार्यक्रम अंतर्गत महिला बाल विकास के सेक्टर सेमली पूरा के बालक आश्रम चा कलिया में सीडीपीओ श्री सत्यनारायण मकवाना के मार्गदर्शन में पर्यवेक्षक श्रीमती सुलभा राठौर द्वारा बताया गया कि हम होंगे कामयाब पखवाड़ा का आयोजन प्रदेश में जागरूकता फैलाने और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के लिए सकारात्मक कदम है श्रीमती सुलभा राठौर द्वारा बताया गया कि गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण निषेध अधिनियम 1994 एवं बाद में हुए संशोधन के बारे में जानकारी दी गई उपस्थित ग्रामीण महिलाएं और पुरुष को बताया गया कि गर्भवती शिशु के लिंग की जांच करना या करवाना कानूनी अपराध है।

यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसे 3 वर्षों की सजा एवं 10 से लगाकर 50000 तक का जुर्माना हो सकता है एवं उसके क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाता है महिलाओं की सहमति के बिना गर्भपात करवाने पर आजीवन कारावास या दंड से दंडित किया जा सकता है शिशु को जीवित पैदा करने से रोकने का या जन्म के बाद मरने की कोशिश करने वाले को 10 साल या जुर्माना अथवा दोनों किया जा सकता है विशेष परिस्थितियों में कानूनी सलाह के बाद किसी भी प्रकार का गर्भपात किया जा सकता है इस अवसर पर बाल विवाह पर बालको से शपथ दिलवाई गई एवं हस्ताक्षर अभियान के ट अंतर्गत हस्ताक्षर करवाए गए इस अवसर पर भारत मंडलोई शिक्षक रमेश मंडलोई शिक्षक जगदीश मंडलोई  अभिलाष खराड़ी पर्यवेक्षक एवं दुर्गा चंदेल पर्यवेक्षक उपस्थित  थे अंत में आभार श्रीमती सुलभा राठौर द्वारा किया गया।

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