फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

देश में पहली बार अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू होने जा रहा है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायालय के सात जजों जी संवैधानिक पीठ ने उपरोक्त वर्गों के आरक्षण को उप वर्गीकरण में विभाजित कर दिया है। इससे राज्य सरकारों को आरक्षण निर्धारित करने की शक्ति मिल जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सीधा बीजेपी सरकार का फैसला करार दिया है। तंवर ने कहा है कि आरक्षण का उप वर्गीकरण करने वाले जजों को सबसे पहले अपना पद छोड़ देना चाहिए जो कॉलेजियम से आरक्षण लेकर कुर्सी पर बैठे हैं।
भीम सेना प्रमुख ने साफ कर दिया है कि ये फैसला बीजेपी सरकार की बहुत बड़ी विभाजनकारी नीति लागू हो गई है। अनुसूचित जाति/ जनजाति के आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में यह पहला कदम है। भीमसेना चीफ नवाब सतपाल तंवर ने देश के दलित समाज का आहवान करते हुए कहा है कि इस विभाजनकारी फैसले और आरक्षण विरोधी फैसले के खिलाफ 2 अप्रैल से भी बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार रहें।
