संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

रक्षा बंधन एक प्रसिद्ध त्योहार है, जिसे राखी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार भारत में व्यापक रूप से मनाया जाता है और भारतीयों के बीच भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है, जो रक्षा बंधन का असली महत्व है। रक्षा बंधन को सुरक्षा बंधन के रूप में परिभाषित किया गया है जो भाई-बहनों के बीच पवित्रता और बंधन को दर्शाता है। राखी का त्यौहार श्रावण महीने में पूर्णिमा के दिन होता है। यह त्यौहार भाई-बहनों के बीच असाधारण रिश्ते को महत्व देने और भारतीयों के बीच भाईचारे के रिश्ते का प्रतीक है।एक बार जब भगवान कृष्ण ने उनकी उंगली काट दी, तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी से कपड़े का एक टुकड़ा बांध दिया, जिससे खून बहना बंद हो गया। इस घटना के बाद, कपड़े का टुकड़ा एक पवित्र धागा बन जाता है और रक्षा बंधन के वास्तविक महत्व का प्रतीक है।
राखी भाइयों और बहनों के बीच साझा किये जाने वाले प्यार का पारंपरिक भारतीय त्योहार है। यह भाई की कलाई पर राखी (रंगीन धागा) बांधकर मनाया जाता है। राखी भाई-बहन के बीच के शाश्वत प्रेम का प्रतीक है। बच्चों को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के लिए राखी बनाना और उन्हें बंधवाना बहुत पसंद है। राइडर्स केयर एंड अवेयर फाउंडेशन के सदयासों ने ग्वालियर के डी बी सिटी के बस्ती में पोहोच कर हर्षोल्लास के साथ मनाया राखी का त्यौहार। सभी भाइयो ने अपनी बहनों से अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाया और बहनों को भरोसा दिलाया की सुख दुःख की घड़ी में वे सदैव उनके साथ रहेंगे। सभी बच्चों ने डांस, गाना और गेम्स कर सभी का मोरंजन किया। बच्चों को मिठाई और स्नैक्स डिस्ट्रीब्यूट भी किया और सभी बच्चों ने बड़े ही प्यार से एक दूसरे के साथ बाट कर खाया। राइडर्स केयर एंड अवेयर फाउंडेशन की फाउंडर शबनम एस बनो और पुनीत शर्मा के साथ साथ और भी मेंबर मौजूद थे जिनमें अलोक सिंह जादोन, निक नवीन, वीरेंदर पवैया, राहुल तलरेजा, विकास साकेत आदि उपस्थित थे।
