नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भारतीय संविधान और संविधान के निर्माता डॉ बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के गौरव में आदर व्यक्त करते अनुसूचित जाति के समुदाय विशेष को लेकर द्वेष भावना प्रकट करने के लिए हिंदूवादी संगठन से संबंधित आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा ने नफ़रत की सारी हद पार कर दी है। मामले को लेकर आरोपी आकाश तेली, प्रकाश गादेकर के खिलाफ जामनेर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 294, अनु जाति जनजाति अत्याचार विरोधी कानून धारा 3(1)(S) के तहत फौजदारी दायर की गई है। आरोपी नजदीक के वाकी गांव के निवासी हैं, मुख्य अभियुक्त आकाश तेली अपने इंस्टा पेज पर खुद की पहचान हिंदू गैंगस्टर और बजरंग दल के समर्थक के रूप में कराता है। इंस्टाग्राम पर उसने संविधान और संविधान निर्माता को लेकर जिस अभद्र और ओछी भाषा का प्रयोग किया है उसे हम समाचार में प्रकाशित नहीं कर सकते, जिस विचार ने आकाश की सोच को दिशा दी है यह वही विचार है जो देश के पिछड़े वर्ग के हिंदुओं के दिमाग में मुसलमानों, आदिवासियों और अति पिछड़े वर्ग के खिलाफ नफ़रत का जहर घोल रहा है। कपिल गुर्जर, मोनू मानेसर, प्रज्ञा सिंह, बंटी बजरंगी, चेतन सिंग चौधरी, मनोहर विनायक कुलकर्णी उर्फ भिड़े, प्रवेश शुक्ला समेत सैकड़ों नामों की लंबी फेहरिस्त है जो धर्म और झूठे राष्ट्रवाद की आड़ में राष्ट्र-विरोधी कार्यकलापों में लगे हैं।मणिपुर में जारी नस्लीय हिंसाचार में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को हम धर्म की सनक से अलग नहीं कर सकते। यहां 160 कुकी आदिवासियों की हत्या कर दी गई है उनके 300 से अधिक चर्च जलाए जा चुके हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने मनोहर विनायक कुलकर्णी उर्फ भिड़े को लेकर प्रदेश की असंवैधानिक शिंदे फडणवीस सरकार से कई सवाल पूछे जिनके जवाब में गृहमंत्री फडणवीस सावरकर की आड़ में भिड़े का डिफेंस करते नजर आए। कुलकर्णी को लेकर लिखी एक खबर में NIT ने कहा है कि यह जितने भी कथाकथित धर्म रक्षक हैं इनके राजनीतिक संरक्षकों को जांचना है तो इनके सोशल मीडिया माध्यमों के पेजेस को चेक करें आपको आपके अपने लोकप्रिय नेताओं के साथ इन्होंने खिंचवाए सैकड़ों फोटो सहजता से दिखाई पड़ेंगे।
