राजेन्द्र जैन ने पेश की मिसाल, जैन ने अपने पिताजी के मृत्युभोज की जगह स्कूल में कमरा और बाउंड्री वॉल बनवाने का लिया निर्णय | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

राजेन्द्र जैन ने पेश की मिसाल, जैन ने अपने पिताजी के मृत्युभोज की जगह स्कूल में कमरा और बाउंड्री वॉल बनवाने का लिया निर्णय | New India Times

धौलपुर जिले के मनिया इलाके के दयेरी गांव में राजेन्द्र जैन ने एक मिसाल पेश की है। जैन ने अपने पिताजी के मृत्युभोज की जगह स्कूल में एक कमरा और बाउंड्री बनवाने का निर्णय लिया है जिसका खर्चा 5 लाख रुपये के लगभग आयेगा। राजेन्द्र जैन ने कमरे की नींव रखवा दी है और कमरा बनाना चालू कर दिया है जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। मृत्युभोज के खिलाफ दयेरी गांव के राजेन्द्र जैन ने पहल की है। जैन ने बताया कि मृत्यु भोज एक सामाजिक कुरुति है जिसको लेकर हर समाज के लोगों को इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए। मृत्युभोज जैसी परपंरा को निभाने के लिए गरीब लोगों की कमर तोड़ देती है, गरीब लोग ब्याज पर पैसे लेकर समाज को दिखाने के लिए मृत्युभोज जैसी परम्परा को निभाते हैं। ग्रामीण इलाके में देखा जाए तो एक दूसरे को देखकर उससे अच्छा करने की ठान लेते हैं जिसकी वजह से उनको कर्जा लेना पड़ता है। आपको बता दें कि स्व. पूरन जैन उम्र 87 साल का निधन 07 जून को हो गया था। गांव में मृत्युभोज की परंपरा चली आ रही है जिसको लेकर उनका पुत्र भी परम्परा को निभाने की सोच रहा था लेकिन उसने मृत्युभोज की जगह स्कूल में कमरा और बाउंड्री बनाने की सोच लिया। उन्होंने बताया कि मृत्युभोज के खर्चे को बच्चों के भविष्य के लिए किया जाए तो अच्छा रहेगा।

चारों तरफ हो रही है इस काम की चर्चा

आपको बता दें कि मृत्युभोज की जगह स्कूल में कमरे व बाउंड्री बनाने की बात सुनकर राजेन्द्र जैन की सभी तरफ तारीफ हो रही है। गांव सहित आसपास के लोग भी तारीफ करने में लगे हुए हैं। गांव के लोग भी इस बात को लेकर सहमत हैं। उन्होंने भी आगे इस तरह से करने का निर्णय लिया है।

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