बुरहानपुर के कलेक्टर ऑफिस में जंगल कटाई के विरोध में आयोजित धरना प्रदर्शन के समर्थन में शामिल हुए बुरहानपुर विधायक शेरा भैया | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के कलेक्टर ऑफिस में जंगल कटाई के विरोध में आयोजित धरना प्रदर्शन के समर्थन में शामिल हुए बुरहानपुर विधायक शेरा भैया | New India Times

बुरहानपुर विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा भैया ने बुरहानपुर कलेक्टर ऑफिस में माधुरी बेन के नेतृत्व में नेपानगर के नावरा रेंज जंगल के आसपास से आए हुए सभी क्षेत्रवासियों द्वारा जंगल कटाई के विरोध में किये आंदोलन में सम्मिलित होकर अपना समर्थन दिया एवं ग्रामीण जनों से कहा कि मैं आपके हर कदम- कदम पर साथ हूं। हम जंगल नहीं कटने देंगे। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर जिले के नेपानगर से करीब 30 किमी दूर नावरा रेंज का घाघरला जंगल नावरा और नेपानगर के एरिया में आता है। अतिक्रमणकारी यहां कब्जा करते चले जा रहे हैं। कई दिनों से सैकड़ों अतिक्रमणकारी जंगल में कब्जा किए हुए हैं। कुछ दिन पूर्व बुरहानपुर विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा भैया ने भी जंगल का दौरा कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया था लेकिन पुलिस द्वारा अब तक किसी भी प्रकार से ठोस कार्यवाही नहीं की। अतिक्रमणकारी हमला कर देते हैं। जंगल काटने वाले बुरहानपुर के नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले खंडवा, खरगोन, बड़वानी से आए हैं। करीब 6 महीने से नावरा रेंज में वन कटाई हो रही है। अतिक्रमणकारियों ने पहले बाकड़ी, सीवल, साईखेड़ा और पानखेड़ा को निशाना बनाया। अब भी घाघरला के जंगल में अंधाधुंध कटाई की जा रही है। आज कलेक्टर ऑफिस में आए ग्रामीणों ने शेरा भैया को बताया कि सरकार एवं प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गांव वालों ने शेरा भैया से कहा सामने जंगल कट रहा है हम गरीब कहां जाएंगे। हमें जंगल बचाना है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो यहीं कलेक्टर परिसर में धरना देंगे। प्रशासन के द्वारा ठोस कार्यवाही नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। खेत किनारे आकर जंगल काट रहे हैं। खेत में नहीं जा पा रहे हैं। हमारा चना सूख गया, गेहूं पड़ा है। नाकेदार भी कार्रवाई नहीं कर रहे। विधायक शेरा भैया ने सभी ग्रामीण जनों को पूरा आश्वस्त किया कि उनकी समस्त मांगों में वे साथ हैं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.