सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” पर पटना में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | New India Times

अतिश दीपंकर, पटना (बिहार), NIT; ​सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” पर पटना में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | New India Timesसूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाई क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय (डीएफपी), पटना द्वारा राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बिहटा, पटना परिसर में आज हैंडलूम व उनसे निर्मित उत्पादों के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ​​सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” पर पटना में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | New India Timesसूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्येश्य युवाओं में हस्तकरघा व उससे निर्मित उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूता लाना था। इस दौरान जागरूकता रैली, चरखों एवं उसके उत्पादों, खादी वस्त्रों आदि का प्रदर्शनी लगाई गई। ​​सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” पर पटना में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | New India Timesइसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मौजूद आईआईटी, पटना के छात्रों के लिए भारत में हस्तकरघा उद्योग, खादी उत्पाद तथा वस्त्र परंपरा से संबंधित विशेष प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। 

गौरतलब है कि वर्ष 2015 से भारत सरकार की पहल पर प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जाता है। ​
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” पर पटना में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | New India Timesइस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा उद्घाटनकर्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बिहटा, पटना के निदेशक प्रो. पुष्पक भट्टाचार्या ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि , खादी एवं हस्तकरघा भारतीय वस्त्र परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है क्योंकि हस्तकरघा एवं खादी उद्योग न केवल स्वतंत्रता संघर्ष को गति देने में भूमिका निभाई बल्कि इसका बड़ा लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था विशेष तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर होने में भी मिला।

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