अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के पुराने शहर में मोती मस्जिद चौराहे पर की गई बैरिकेडिंग को लेकर व्यापारियों का विरोध अब तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह विभिन्न व्यापारी संगठनों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर मोती मस्जिद चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने बैरिकेडिंग को तत्काल हटाने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग के कारण पुराने शहर के प्रमुख बाजारों तक पहुंचना कठिन हो गया है, जिससे कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है। उनका आरोप है कि चौक बाजार, लखेरापुरा, सराफा, जुमेराती और बुधवारा जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में आने वाले ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। विशेष रूप से भोज सेतु की ओर से आने वाले वाहन सीधे बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिक भी परेशान हैं।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बाधा बन रही है। उन्होंने 1 अगस्त को चौक बाजार में लगी आग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे हालात और गंभीर हो गए थे।
विरोध प्रदर्शन में भोपाल व्यापारी महासंघ, सराफा एसोसिएशन, वस्त्र व्यवसायी संघ सहित कई व्यापारी संगठन शामिल हुए। सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर व्यापार और आमजन की सुविधा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मोती मस्जिद चौराहे से बैरिकेडिंग हटाकर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

