पंचायत चुनाव के दौरान मंत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र में दो गुटों में हुई पत्थरबाजी में एक कि मौत, महाजन की ससुराली ग्राम पंचायत पर विपक्ष का कब्जा | New India Times

नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पंचायत चुनाव के दौरान मंत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र में दो गुटों में हुई पत्थरबाजी में एक कि मौत, महाजन की ससुराली ग्राम पंचायत पर विपक्ष का कब्जा | New India Times

सूबे की शिंदे सरकार के मंत्री और देवेंद्र फडणवीस के चहेते व्यक्तित्व गिरिश दत्तात्रय महाजन के गृह निर्वाचन क्षेत्र जामनेर में ग्राम पंचायतों के नतीजे घोषित हुए हैं। इन नतीजों के ठीक बाद टाकली में बीजेपी के ही प्रतिस्पर्धी पैनलों में जीत को लेकर तीव्र अंदरूनी असंतोष देखा गया। इस मामले में तहसीलदार की ओर से कानून व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारी को जारी पत्राचार से पता चलता है कि टाकली में पत्थरबाजी के दौरान धनराज नामक युवक की अज्ञात कारण से मृत्यु हो गई है। मीडिया में आ रहे साक्षात्कारों से पता चल रहा है कि इस पंचायत के चुनाव के लिए मैदान में लड़े दोनों पैनल बीजेपी के थे। घटना के बाद गांव में पनपे तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और आगे की कार्रवाई चल रही है। वहीं नतीजों को लेकर एक चौंकाने वाली खबर यह भी सामने आई है की मंत्री महाजन की ससुराली ग्राम पंचायत पलासखेड़ा बु में बीजेपी के पैनल को सरपंच सीट समेत हार का सामना करना पड़ा है. विदित हो कि क्षेत्र में 11 ग्राम पंचायतों के लिए 18 दिसंबर को वोट डाले गए थे जिसमें करमाड़, चिंचखेड़ा बु, खादगांव, हिंगणे, मोहाड़ी, टाकली बु, पलासखेड़ा बु. कोदोली, मालदाभाड़ी, सोनारी का समावेश रहा . चिलगांव पंचायत निर्विरोध चुनी गई थी . कुल 86 फीसद वोटिंग हुआ यानी 18707 मतदाताओं ने वोट किया।

पंचायत चुनाव के दौरान मंत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र में दो गुटों में हुई पत्थरबाजी में एक कि मौत, महाजन की ससुराली ग्राम पंचायत पर विपक्ष का कब्जा | New India Times

भाजपा विरुद्ध भाजपा पैनल से गरमाई सियासत – 2014 में पहली बार फडणवीस सरकार में महाजन के मंत्री बनाए जाने के बाद से अब तक क्षेत्र के स्थानीय पंचायती संस्थाओं में यह देखा गया है कि कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के खिलाफ भाजपा के पैनल बनाकर आपस में लड़ने में रुचिप्रियता बढ़ रही है. रही बात विपक्ष की तो जिन संस्थाओं पर विपक्ष का प्रभाव है वहां उस प्रभाव को काटने में ये पैनल खास कारगर साबित नहीं हो सके हैं। बहरहाल टाकली में चुनाव के बाद घटी घटना में एक व्यक्ति को अपनी जान गंवाना पड़ी है इस बात से आम लोगों में इस टाइप की राजनीति को लेकर काफी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

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