नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कर्तव्यरत सरकारी कृषी सहायक कन्हैया महाजन को पीटने के मामले में धारा 353, 332, 504, 506, 34 के तहत नामजद आरोपी जलगांव भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोविंद मुरलीधर अग्रवाल एवं उनके दोनों बेटों नितिन और नीलेश को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जिला सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है. फौजदारी प्रकरण 806 को लेकर 16 सितंबर को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश बी एस वावरे ने अभियुक्त और पीड़ित दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अग्रवाल एंड सन्स को कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा था और आज 17 सितंबर को कोर्ट ने उक्त मामले में नामजद सभी अभियुक्तों को गिरफ्तारी से राहत देते हुए 15 हजार रुपए के व्यक्तिगत मुचलके (PR Bond) पर जमानत मंजूर कर दी. कानूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को हर सोमवार पहुर पुलिस थाने में जाकर हाजरी देनी होगी. जांच के लिए पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर सहयोग करना अनिवार्य होगा. इस जमानत को लेकर कोर्ट का लिखित आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है. पीड़ित कन्हैया महाजन की ओर से सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट सुरेंद्र काबरा एवं महाजन द्वारा निजी तौर पर नियुक्त किए गए एडवोकेट निखिल जे पाटील 16 सितंबर को पेश हुए थे. गोविंद अग्रवाल एंड सन्स की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट अकील इस्माइल ने अग्रवाल एंड सन्स को मिली जमानत की पुष्टि की है. ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर 16 सितंबर को कोर्ट रूम मे दोनों पक्षों की ओर से गहन जिरह की गई थी जिसमें बचाव पक्ष ने अग्रवाल की जिनिंग में कृषी सहायक के प्रवेश को गैर कानूनी करार देते हुए अग्रवाल द्वारा कृषी सहायक के खिलाफ पुलिस में दायर शिकायत का तुक पेश किया गया. वैसे ये केस पूरी तरह से ओपन एंड शट मामला है जिसमें एक ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मचारी को पीटा गया है.
