अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

अमन की नगरी झांसी में ईदे ग़दीर का जश्न बढ़े ही अमन और शांतिपूर्ण तरीक़े से मनाया गया.
महफ़िले ईदे ग़दीर आज नई बस्ती की क़दीमी शिया जामा मस्जिद में आयोजित की गई जो की एहले बस्ती की जानिब से मुन्नक़ीद की गई थी. जिसमें झाँसी के मुक़ामी शोयराओं ने ईदे ग़दीर से मुतालिक अशआर पढ़े. जिसमें मौला अली एवं मोहम्मद (सल.) के अशआरों से शायरों ने सुन्ने वालों के दिल ताज़ा कर दिए. वहीं नारे हैदरी के नारों के साथ मोहोम्मद (सल.) पर दरुदो सलाम भी पेश किए गए.

वहीं दूसरी तरफ़ देखा जाए तो बच्चे भी पीछे नहीं रहे, ईदे ग़दीर पर बच्चों ने भी रुबाई एवं अशआर पढ़ कर साबित कर दिया कि हम भी मोहम्मदी एवं अली वाले हैं, कजाओं के मिम्बर से मोहम्मद साहब ने कहा जिस जिस का मौला उस उसका अली मौला, इसी को ईदे ग़दीर भी कहा जाता है. आली जनाब क़िबलाओ क़ाबा जनाब सैय्यद शाने हैदर ज़ैदी जुमा वल जमाअत की सदारत में हुई एवं मस्जिद के मुतवल्ली ग़ज़नफर साहब भी मौजूद रहे. सुन्ने वालों में नजमुल हसन साहब, अलिमिया साहब, अज़हर टीटी साहब, मोहोम्मद शरीफ़ साहब, अतहर ज़ैदी साहब उर्फ मिंटू, आलियन साहब, एजाज़ साहब, आफ़ताब साहब, अब्बास आरटीओ साहब, साहिबे आलम सल्लमहु मौजूद रहे. बाद महफ़िल लोगों ने एक दूसरो को मिठाई खिलाकर ईदे ग़दीर की गले मिलकर मुबारक़बाद पेश की. बाद महफ़िल नज़रे ईमाम का भी एहतिमाम किया गया.
