मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

दंपति के घरेलू विवाद विवाद के कारण विवाह के तेरह साल के बाद पत्नी ने परामर्श केंद्र की शरण ली। पत्नी ने कौंसीलर्स को बताया की उसका पति उसे खाना खर्चा नहीं दे रहा है ।पूछने पर पति ने बताया की हमारे दो बेटे ग्यारह व नाे साल के हैं पत्नी उनकी व सास की देख भाल नहीं करती है व अन्य व्यक्ति से संबद्ध रखती है जिसके लिए मना करने पर झगड़ती है ।जिसपर दोनो को सद्भाव पूर्वक जीवन निर्वाह करने की सलाह दी जाकर तेरह साल बाद घर टूटने से बचाने का मार्ग प्रशस्त किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के के अवस्थी के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा सहित आहुति शर्मा और प्रीति श्रीवास्तव व पुष्प लता राठौर ने नो मामलों की सुनवाई कर तीन प्रकरणों में समझौते की संभावना प्रतीत नहीं होने पर पक्षकारों को न्यायालय की शरण लेने की सलाह देते हुए प्रकरण निराकृत किए जबकि शेष प्रकरणों में समझौते के लिए समझाइश प्रदान कर विचार विमर्श करने के लिए समय प्रदान किया।
