अबरार अहमद खान /मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के खरगोन में हुए दंगे और उसके बाद के हालातों को लेकर भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। दिए गये ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि हमारा म.प्र. अमन का गहवारा रहा है परन्तु पिछले कुछ माह से मध्यप्रदेश का माहोल खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में वर्तमान में खरगौन एवं सेंधवा में रामनवमी में जुलूस के समय मस्जिदों की दिवारों पर चढ़ कर भगवा झंडा लगाया गया और भडकाऊ नारे लगाये गये जिससे साम्प्रदायिक दंगा हुआ जिसमें पुलिस और दंगाईयों द्वारा मुस्लिम समाज को निशाना बनाते हुए उनके घरों, मकानों, दुकानों को तोड़ा एवं जलाया गया और उन्हीं बेकुसूर लोगों को जेलों में ठूस दिया गया। प्रशासन द्वारा भी आनन फानन में बिना जाँच मुस्लिम समाज के कई घर और दुकानें तोड़ी गईं जिस पर 100 परिवारों को खरगौन से पलायन करना पड़ा। यह मुस्लिम समाज के खिलाफ़ सरासर जुल्म ज़्यादती है और कानून का खुला उल्लंघन है। इससे पूर्व भी रायसेन जिले के ग्राम खमरिया में भी बिना जाँच इसी तरह मुस्लिम समाज के खिलाफ एक तरफा कार्यवाही करते हुए उनके घर, मकान तोड़े गये फसलें उजाड़ दी गईं। इसी तरह रायसेन और भोपाल में भी असमाजिक तत्वों द्वारा फ़िज़ा खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं। समाचार पत्रों में सत्ताधारी पार्टी के विधायकों द्वारा ऐसे बयान दिये जा रहे हैं जिसमें दंगे और भड़कें। इस ओर भी आपको ध्यान देना होगा. इस तरह के गैर जिम्मेदारी वाले बयान देने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही करनी होगी। ऐसा न हो कि कहीं देर हो जाये और यह आग पूरे मध्यप्रदेश में फैल जाये और काबू पाना मुश्किल हो जाये और मजलूम लोग दूसरा कदम उठाने के लिए मजबूर हों।
