स्टेडियम के अभाव से खुले मैदानों में किया जा रहा है प्रतियोगिताओं का आयोजन | New India Times

नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

स्टेडियम के अभाव से खुले मैदानों में किया जा रहा है प्रतियोगिताओं का आयोजन | New India Times

40 हजार की आबादी वाले जामनेर में नगर परिषद बने 20 साल बीत जाने के बाद अब तक एक ओपन स्टेडियम भी नहीं बन सका है जिसके कारण क्रीड़ा एसोसिएशन्स द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली खेल कूद की प्रतियोगिताओं को निजी मिल्कियत वाले खुले मैदानों पर संचालित करना पड़ रहा है. इन प्रतियोगिताओं में अधिकतर का उद्घाटन क्रीड़ा प्रेमी विधायक गिरीश महाजन के करकमलों द्वारा किया जाता आ रहा है. विपक्ष के पदाधिकारी भी इसी प्रकार से स्पोर्ट मैचेस आयोजित कर फोटो खिचवाने की नकल में लगे हैं. गोविंद महाराज ट्रस्ट की 13 एकड़ जमीन पर पांच दिवसीय तनिष्क ट्रॉफी का आयोजन किया गया जिसमें गिरीश महाजन, तहसीलदार अरुण शेवाले, पुलिस प्रभारी किरण शिंदे ने क्रिकेट खेलने का लुफ्त उठाया. मुंदखेड़ा में NCP के अरविंद चितोड़िया ने क्रिकेट मैचेस आयोजित कर उद्धाटन संजय गरुड़ के हाथों कराया शहर को क्रीड़ा, सांस्कृतिक तथा कला जगत का काफी पुराना इतिहास रहा है जिसकी नींव न्यू इंग्लिश स्कूल ने रखी है. जैसे जैसे शहर का व्याप बढ़ता गया वैसे राजनीति के नए नए फार्मूले अपनाते नेताओं में खेलो के प्रति अनास्था बढ़ती गई जिस के चलते नई पीढ़ी मे खेलकूद प्रतियोगिताओ को लेकर अंतस उत्साह कम होता चला गया . इसी बात को लेकर बुद्धिजीवीयो तथा क्रीड़ा प्रेमियो द्वारा बार बार आरक्षित ओपन स्टेडियम की मांग को दोहराया गया लेकिन तीन दशको से की जा रही ओपन स्टेडियम की मांग को अब तक पूरा नही किया गया . उसके बदले वोटो के लालच मे आकर सरकारी भूखंडो को सामाजिक न्याय के नाम पर बांटने का अभियान चलाया गया . 2014 विधानसभा के आम चुनावो मे विपक्षी NCP ने क्रीड़ा स्टेडियम को प्रचार का प्रासंगिक मुद्दा बनाया जो जनता के बीच प्रभाव नही छोड़ सका . जामनेर को इंडस्ट्री , टेक्नोलॉजी , मेडिकल हब बनाने मे सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी नेता नाकाम रहे . खेल प्रतियोगिताओ मे घोषित इनामो की चाह ने युवाओ के अंदर एक ऐसे खिलाड़ी को जिंदा रखा है जो बेरोजगारी के कारण गुरबत मे भी अपनी आभा को चमकाने की कोशिश मे लगा है आशा है कि सरकार में शामिल नेतागण जामनेर में ओपन स्टेडियम के निर्माण लिए प्रयास करें.

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.