नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

तोंडापुर ग्रामपंचायत द्वारा आयोजित इस समारोह मे विकासकार्य तथा सामाजिक न्याय समेत तमाम सरकारी योजनाओ को जनता के बीच लोकार्पित करने का असली उद्देश्य यह है कि इन योजनाओं के अंतर्गत जो काम किए जा रहे हैं उनमें गुणवत्ता हो, भ्रष्टाचार की परछाईं तक इन योजनाओं को छू न सके, ऐसा प्रतिपादन NCP के नेता दिगंबर पाटील (डी के दादा) ने किया है. पाटिल ने कहा कि गांव के कांग नदी पर ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे पुल के लिए हमारे नेताओं ने PWD मंत्री से मंजूरी प्राप्त की और भाजपा के लोग आकर शिलान्यास वगैरा कर के चल दिए. ऐसे कई काम हैं जो हमारी गठबंधन सरकार में किए गए हैं बावजूद इसके भाजपा के नेता इन कामों का श्रेय लेकर जनता को भ्रमित करने का अजेंडा चलाते रहते हैं. समारोह के उद्घाटक संजय गरुड़ ने कहा कि 15वें वित्त आयोग से मिलने वाले निधि का उपयोग सामाजिक न्याय को मजबूती देने के लिए किया जाता है. इस ग्रामपंचायत ने सामाजिक न्याय की पहल कर के अन्य ग्राम पंचायतों और जनता को नई दिशा दी है. जिला महिला NCP प्रमुख वंदना चौधरी ने स्त्री पुरुष समानता पर जोर दिया कहा कि शरद पवार की बदोलत महिलाओं के सक्षमीकरण को गति मिली है.
मंच पर सरपंच नसीबा तड़वी, उपसरपंच वैशाली पाटिल, प्रदीप पाटील, सांडु गुरव, अशोक चौधरी, शरद टी पाटील, नाना पाटील, विलास राजपूत, राजू पाटील, किशोर पाटील, दगड़ू पाटिल, अनिल अग्रवाल आदि मान्यवर उपस्थित रहे. तोंडापुर ग्रामपंचायत को 15वें वित्त आयोग में प्राप्त निधि से गांव में भूमीगत नालियां, पम्पिंग हाउस में स्विच रूम, फेन्सिंग, सरकारी स्कूल में हैंड वाश, सरकारी स्कूल ब्लाक मरम्मत, आंगनबाड़ी मरम्मत आदि का भूमिपूजन NCP नेता संजय गरुड़ के करकमलों से किया गया. दिव्यांगों और समाज के अनुसूचित जाति जनजाति के घटकों को गैस चूल्हे, खानपान के बरतन, पानी के जार, गर्भवती महिलाओं के लिए टॉनिक समेत स्वस्थ लाभ दवाइयां, आंगनबाड़ी दीदी को अस्थापना रजिस्टर, स्कूल की छात्र छात्राओं को 20 साइकिल व अन्य कई चीजों का वितरण किया गया. विदित हो कि कोरोना काल समाप्ति के बाद तहसील क्षेत्र के लगभग सभी ग्रा पं को 14 वें और 15 वें वित्त आयोग से लाखों रुपयो का फंड मिला लेकिन किसी भी संस्था ने तोंडापुर ग्रामपंचायत की तरह सार्वजनिक रूप से सामाजिक न्याय की पहल नहीं की. तहसील की 65 फीसदी ग्रामपंचायतें भाजपा के कब्जे में हैं इनमें से किसी ने भी 15 वें वित्त आयोग से ऐसे आयोजन करवाने की कोई खबर नहीं है.
