Edited by Sabir Khan,
राहुल यादव, लखनऊ, NIT;
उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन में 12 जुलाई को शक्तिशाली विस्फोटक मिलने से सनसनी फैल गई है। फोरेंसिक जांच में इसे शक्तिशाली विस्फोटक PETN होने की पुष्टि हुई है जो डिटोनेटर के साथ विस्फोट करता है। विस्फोटक की पुष्टि के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक बलाई है और एनआईए से जांच कराने की बात कही है।
यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद आज विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह घटना एक आतंकी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने इस घटना की जांच एनआईए से कराने की बात कही है। सीएम योगी ने कहा कि एनआईए से इस घटना की जांच कराने के बाद अपराधी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘’विधानसभा के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है. बल्कि यह जिम्मेदारी हम सब की है।’’ उन्होंने कहा है, ”सभी को अपनी-अपनी सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतनी होगी।” योगी ने कहा, ”जिसने भी यह साजिश रची है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने विधानसभा में मौजूद सभी विधायकों और मंत्रियों से अपील की की इस घटना के बाद एक निन्दीय प्रस्ताव पारित किया जाए।
सीएम ने आगे कहा, ”ये घटना प्रदेश की 22 करोड़ की जनता के साथ जुड़ा हुआ है।” उन्होंने कहा, वो कौन लोग हैं जो इसे सदन के अंदर लेकर आए, ये बड़ा सवाल है।” योगी ने विधायकों और मंत्रियों से अपील करते हुए कहा कि फोन लेकर अंदर न आएं।
12 जुलाई की सुबह यूपी विधानसभा के अंदर विस्फोटक मिला था, यह उस जगह पर रखा था जहां तमाम पार्टियों के विधायक बैठते हैं। यह विस्फोटक समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडे की सीट के नीचे मिला है। मनोज ने सीएम योगी से विधानसभा की सुरक्षा और कड़ी करने की मांग की है।
विधानसभा के अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों से भी ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जिससे पता चल सके कि यह विस्फोटक विधानसभा भवन के अंदर कौन लाया था। बताया जा रहा है कि विधानसभा के अंदर ये विस्फोटक नीले रंग की पॉलीथीन में रखा गया था विधानसभा भवन की सभी सीसीटीवी फूटेज की जांच की जा चुकी है लेकिन उससे कोई सुराग नहीं मिला है।
- फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक; इस विस्फोट का नाम PETN बताया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह विस्फोटक अंदर कैसे पहुंचा। दरअसल, यूपी विधानसभा में एंट्री के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्रों से गुजरना पड़ता है। यही नहीं विधानसभा में सिर्फ विधायकों, मंत्रियों, सफाई कर्मचारी और मार्शल को ही जाने की इजाजत है। इसे लेकर कांग्रेस के नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह राज्य की सुरक्षा का सच सामने लाता है। विधानसभा में विस्फोटक मिलना हैरानी की बात है। ये लोग जब विधानसभा को सुरक्षित नहीं कर सकते तो जनता को क्या करेंगे?
क्या है PETN ?
PETN बहुत शक्तिशाली प्लास्टिक विस्फोटक होता है। यह गंधहीन होता है इसलिए इसे पकड़ने में काफी मुश्किल आती हैं। खोजी कुत्ते और मेटल डिटेक्टर भी इसका पता नहीं लगा सकते। बहुत कम मात्रा में होने पर भी पीईटीएन से बड़ा धमाका हो सकता है। इसका सेना और खनन उघोग में भी इस्तेमाल किया जाता है, वह भी विशिष्ट और खास तरह के मामलों में ही पीईटीएन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे हालात में विधानसभा तक पीईटीएन पहुंचना एक बड़ा सवाल है।
बड़ी बात यह है कि यह कोई मेटल यानी धातु नहीं होता इसलिए एक्स-रे मशीन भी इसे नहीं पकड़ पाती है। यह एक रासायनिक पदार्थ होता है। वर्ष 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके में भी पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था।
