नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

27 जनवरी को बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ राज्य सरकार की मुखालफत में मोर्चा का आयोजन करने पर जामनेर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक गिरीश महाजन समेत अन्य 10 लोगो पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस कर्मी सुनील माली की तहरीर पर विधायक गिरीश महाजन, चंद्रकांत बाविस्कर, तुकाराम निकम, गोविंद अग्रवाल, बाबूराव घोंगड़े, रविन्द्र झालटे, शरद मोतीराम पाटिल, महेन्द्र बाविस्कर, नामदेव मंगरुले, अनीस शेख, नाजिम शेख पर धारा 37(1)(3) के उल्लंघन के आरोप में धारा 188, 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. विदित हो कि कोरोना के omicron वेरिएंट के संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए राज्य सरकार ने दिन में भीड़ को इकट्ठा होने को मनाही और रात को संचारबन्दी के आदेश जारी कर रखे हैं जिसके तहत नियमों का पालन सख्त किया गया है. भाजपा की ओर से मोर्चा का आयोजन कर जिलाधिकारी द्वारा जारी धारा 37(1)(3) के आदेश का उल्लंघन किया गया.
विधायकों का निलंबन रद्द: बीते विधानसभा सत्र के दौरान स्पीकर से बदसलूकी करने पर भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित किया गया था. इस निलंबन को पार्टी ने शीर्ष अदालत मे चुनौती दी जहाँ सुनवाई में अदालत ने स्पीकर की कार्रवाई को मनमानी और असंवैधानिक करार देते हुए 12 विधायकों के निलंबन को रद्द कर उन्हें सदन के कामकाज के लिए बहाल कर दिया. इन विधायकों में गिरीश महाजन भी थे. अपने पक्ष मे आए अदालत के फैसले को पार्टी ने लोकतंत्र की जीत करार देकर सड़कों पर ज़श्न के रूप मे भुनाना आरंभ कर दिया है. शीर्ष अदालत के फैसले के बाद भविष्य में स्पीकर के अधिकारों को लेकर गहन समीक्षा की जाएगी. सरकार ने इस मामले से खुद को अलग कर इसे स्पीकर और सदन तक सीमित कर दिया है. मार्च 2022 में राज्य का बजट सत्र होने वाला है जिसके लिए इन 12 विधायकों को सदन के कामकाज में शामिल होने का मौका मिलता है या नहीं यह देखना रोचक होगा.
