जमशेद आलम, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त होने के लिए पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी सरकार जिम्मेदार है. सरकार द्वारा त्रुटि पूर्ण चुनाव प्रक्रिया की गई, संवैधानिक नियमों एवं पंचायत राज अधिनियम का उल्लंघन किया गया जिस वजह से अंततः यह प्रक्रिया निरस्त करना पड़ी. 1994 में कांग्रेस पार्टी द्वारा सशक्त पंचायत राज लागू किया गया था जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों एवं महिलाओं को आरक्षण के रूप में अधिकार दिए गए थे वही प्रक्रिया पिछले 25 सालों से लागू थी लेकिन भाजपा सरकार जो पिछड़ा वर्ग विरोधी है उच्चतम न्यायालय में रोटेशन का मामला गया जहां सरकार द्वारा पिछड़े वर्गों का पक्ष नहीं रखा गया उनके हक और अधिकारों पर रोक लगा दी गई. कांग्रेस पार्टी ने कमलनाथ जी के नेतृत्व में पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए विधानसभा से लेकर सड़कों तक संघर्ष किया अंततः सरकार को इस त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा. प्रदेश की 80% ग्रामीण जनता के साथ भाजपा सरकार का धोखा है जो कभी भाजपा को माफ नहीं करेगी.
