जमशेद आलम, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल में तीन दिवसीय भारत आर्थिक परिषद के 104 राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए युवा आर्थिक परिषद के अध्यक्ष एवं भारत आर्थिक परिषद के सदस्य डाॅ देवेन्द्र विश्वकर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के अर्थ नीति, भारत के आधार पर होनी चाहिए, मध्यप्रदेश में जन्म ले रहे छोटे और लघु उद्योगों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं राष्ट्रीय बड़े उद्योग से सुरक्षा प्रदान करना होगा, उद्योग हित में राष्ट्रीय नीति के साथ, राज्य की नीति बनानी चाहिए, तभी प्रदेश के उद्योग का विकास हो सकेगा, मध्यप्रदेश का सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से हो रहा है। प्रदेश के युवाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे है। मनरेगा एवं पी.एम.ए.वाय. आदि अनेक योजनाओं ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ परिसंपत्तियों का भी निर्माण किया, परंतु जिस तेजी से देश के उद्योगपतियों के उद्योग हर क्षेत्र में बढ़ रहे है, उद्योगपतियों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही हैं। अर्थात् देश की अर्थव्यवस्था उद्योगपतियों के हाथों सौंपना ठीक नहीं रहेगी। पंचायत स्तर पर ग्राम बाजार को बढ़ावा देना होगा, युवा और रोजगार की और विशेष ध्यान देना होगा।
