मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

थाना तिलहर क्षेत्र में दो साल की बच्ची प्रज्ञा की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए मासूम बच्ची की हत्या के आरोप में बच्ची के दादा व चाची को गिरफ्तार कर लिया है।
आज के इस कलयुग में जो हो जाए उसे कम समझिए. छोटी-छोटी बुराइयों को मन में रखकर इंसान कितने घिनौने अपराध कर देता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर के थाना तिलहर क्षेत्र में सामने आया है. यहाँ 2 साल की प्रज्ञा की हत्या उसके दादा व चाची ने बेरहमी से कर दी थी इस सनसनीखेज घटना का खुलासा तिलहर पुलिस ने किया है।
धीरेंद्र सिंह निवासी ग्राम गवार थाना तिलहर ने 29 नवंबर को थाना तिलहर में अपनी 2 वर्षीय बेटी प्रज्ञा के घर के बाहर खेलते वख्त लापता होने की सूचना दर्ज कराई थी.
एस, आनन्द पुलिस अधीक्षक ने बच्ची का शीघ्र पता लगाने के लिए फील्ड यूनिट, डॉग स्कॉट, सर्विसलांस व एसओजी टीमों को लगाया गया.
रविंद्र सिंह प्रभारी निरीक्षक थाना तिलहर के नेतृत्व में उ0 नि0 विनोद कुमार शर्मा, हे0 कां0 मिर्जा जुबेर बेग, हे0 का0 अनिल कुमार सिद्धू आदि पुलिस टीम ने 14 दिसंबर को बच्ची का शव गांव के एक खंडहर मकान से बरामद किया गया. पुलिस टीम द्वारा घटना का निरीक्षण किया गया फोटो व वीडियोग्राफी कराते हुए घटना का बारीकी से निरीक्षण किया गया व शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
दो साल की मासूम बच्ची प्रज्ञा के पिता धीरेंद्र सिंह ने घटनास्थल से बरामद प्लास्टिक के कट्टे को पहचानते हुए बताया कि या कट्टा हमारे घर पर पशुओं को चारा डालने के लिए प्रयोग किया जाता था साक्ष्यों के आधार पर इस घटना में संलिप्त मृतक बच्ची प्रज्ञा के दादा मुनेंद्र सिंह एवं चाची श्रीमती तेजवती पत्नी बलिस्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
संजीव कुमार बाजपेई एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दादा व चाची ने पुलिस के समक्ष जुर्म का इकबाल करते हुए बताया कि महेंद्र सिंह मृतक बच्ची के दादा ने बताया कि व अपने बेटे धीरज सिंह की श्रीमती ऊषा के साथ हुई शादी से खुश नहीं था और अपने बेटे की दूसरी शादी ज्यादा दान,दहेज लेकर कराना चाहता था इसी कारण मुनेंद्र सिंह अपने बेटे की पत्नी श्रीमती ऊषा के मायके वालों से मुनेंद्र सिंह की कई बार झगड़े फसाद भी हो चुके थे जिस कारण से मुनेंद्र सिंह अपनी पुत्र वधू श्रीमती ऊषा को अपने घर से निकालना चाहता था, इसी प्रकार श्रीमती तेजवती (मृतिका बच्ची की चाची) भी श्रीमती ऊषा से इसलिए रंजिश रखती थी कि घर का सारा हिसाब किताब रुपया व जेबर आदि श्रीमती ऊषा के पास रहता था श्रीमती तेजवती परिवार से अलग होना चाहती थी लेकिन श्रीमती ऊषा नहीं होने दे रही थी. कुछ साल पहले श्रीमती तेजवती अपने परिवार को लेकर अलग हो गई थी तथा 4 से 5 महीने अलग मकान में रही थी लेकिन परिवार के लोगों ने फिर इन्हें इकट्ठा कर दिया था इसी कारण तेजवती श्रीमती उषा से नाराज रहती थी और श्रीमती उषा के बच्चों को नुकसान पहुंचा कर अपना मकसद पूरा करना चाहती थी दादा व चाची ने पूछताछ के दौरान जुर्म का इकबाल करते हुए बताया कि बच्ची के लापता होने से कुछ दिन पहले हम दोनों ने आपस में षड्यंत्र (साजिश) करके श्रीमती उषा की बच्ची प्रज्ञा 2 वर्ष को गायब कर हत्या करने की योजना बनाई थी 29 नवंबर को श्रीमती तेजवती ने बच्ची प्रज्ञा को घर के बाहर अकेला खेलते हुए पाए जाने पर उसे उठाकर पास के खंडहर में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी थी अपने घर से साथ ले गई प्लास्टिक के कट्टे में शव को रखकर खंडहर के अंदर वाले कमरे में डाल दिया तथा फिर उसने यह बात मुनेंद्र सिंह को बताई मुनेंद्र सिंह ने मौका पाकर मृतक बच्ची के शव को ईट पत्थरो से अच्छी तरह से ढक दिया था।
