अबरार अहमद खान, स्टेट ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सोमवार दोपहर जनजाति महानायक बिरसा मुण्डा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन में शामिल होने भोपाल पहुंचे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल जंबूरी मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर जनजातीय कल्याण की विभिन्न योजनाओं की शुरूआत की।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज बहुत बड़ा दिन है, आज हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती मना रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में आदिवासी जनजातीय समाज का बहुत अमूल्य योगदान रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज भारत सही मायने में अपना प्रथम जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। आजादी के बाद देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जनजातीय कला, संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को गौरव एवं सम्मान प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। इसके लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बधाई के पात्र हैं।
भारत सरकार ने भी फैसला किया है कि 15 नवम्बर को पूरे देश में हर वर्ष गांधी-पटेल-अंबेडकर जयंती की तरह ही वृहद पैमाने पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जायेगा तथा जनजातीय समाज के योगदान को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय समाज का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान है। भगवान श्री राम को वनवास के दौरान जनजातीय समाज द्वारा दिये गये सहयोग ने ही मर्यादा पुरूषोत्तम बनाया। जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों, जीवन-शैली से हमें प्रेरणा मिलती है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय समाज का हित हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक हर व्यक्ति की इसमें उचित हिस्सेदारी न हो। सरकार द्वारा हर अन्य वर्गों की तरह जनजातीय समाज को भी तरक्की का हर मौका दिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में भी शिक्षा, आवास, बिजली, गैस, इलाज आदि सभी सुविधाएँ पहुँचाई गई हैं। देश में जल-जीवन मिशन प्रारंभ कर हर घर में नल से जल पहुँचाया जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं, जिन पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों के सामर्थ्य के सही इस्तेमाल की नीति बनाई गई है। जनजातीय भागीदारी के बिना आत्म-निर्भर भारत का निर्माण संभव नहीं है। बिरसा मुंडा के संग्रहालय का वर्चुअल लोकार्पण किया है। हमारा कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को हमारे संग्रामों और जनजातीय नायकों के योगदान से परिचित करवाएं। चाहे रानी दुर्गावती हो या रानी कमलापति उन्हें राष्ट्र भूल नहीं सकता। जनजातीय वर्ग के महत्वपूर्ण योगदान को आजादी के बाद दशकों तक देश को नहीं बताया गया। देश की करीब 10 प्रतिशत जनजातीय आबादी की सांस्कृतिक खूबियों को नजरअंदाज किया गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भोपाल के भव्य रेलवे स्टेशन का कायाकल्प ही नहीं हुआ बल्कि रानी कमलापति का नाम रेलवे स्टेशन से जोड़ने से गोंड समाज सहित सम्पूर्ण जनजाति वर्ग का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन भोपाल और मध्यप्रदेश के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरवशाली इतिहास का दिन है। आज पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। इस मौके पर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण हमारे लिये गौरव की बात है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस मौके पर रेलवे की चार परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दो मेमू ट्रेनों उज्जैन-इंदौर एवं इंदौर-उज्जैन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर भी रवाना किया।
आमजन को मिलेंगी बेहतर सुविधाएँ
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं के शुभारंभ से रेलवे पर दवाब कम होगा एवं आमजनों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी। भारतीय रेल सिर्फ दूरियों को कनेक्ट करने का माध्यम नहीं है, बल्कि ये देश की संस्कृति, देश के पर्यटन और तीर्थाटन को कनेक्ट करने का भी अहम माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिये अच्छी कनेक्टेविटी मिल सकेगी। महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं एवं अप-डाउन करने वाले हजारों यात्रियों, व्यापारियों और किसानों को परियोजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिये भारतीय रेलवे उत्तम उदाहरण बन रहा है। आजादी के इतने दशकों बाद भारतीय रेल के सामर्थ्य को इतने बढ़े स्तर पर एक्सप्लोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का पहला आईएसओ सर्टिफाइड एवं पीपीपी मॉडल पर विकसित रेलवे स्टेशन है। जो सुविधाएँ यात्रियों को कभी एयरपोर्ट पर मिलती थीं, वह सुविधाएँ आज रेलवे स्टेशन पर मिल रही हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बेहतर इन्फ्रा-स्ट्रक्चर भारत की आकांक्षा एवं आवश्यकता है। आधुनिक इन्फ्रा-स्ट्रक्चर भारत को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है। भारत कैसे बदल रहा है, सपने कैसे सच हो सकते हैं, ये देखना हो तो इसका एक उत्तम उदाहरण भारतीय रेलवे भी बन रही है। उन्होंने कहा कि 6 साल पहले तक भारतीय रेल में जो यात्रा कर लेता था वह रेलवे की अव्यवस्थाओं के कारण उसे कोसता नजर आता था। रेलवे स्टेशन गंदगी, खाने-पीने की अव्यवस्था, ट्रेनों की लेट-लतीफी, यात्री प्रतीक्षालय में फैली अव्यवस्था आदि की जितनी चर्चा की जाये, उतनी कम है। लोगों ने स्थितियाँ बदलने की उम्मीद तक छोड़ दी थी, लेकिन जब देश ईमानदारी से संकल्पों को पूरा करने के लिये जुटता है तो सुधार जरूर आता है, परिवर्तन भी होता है। देश के आम व्यक्ति को आधुनिक सेवाएँ देने का बीड़ा हमने उठाया है तो उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। यही देश के टैक्सपेयर का असली सम्मान है।
