37 वर्षाें के बाद भी गैस पीड़ितों को नहीं मिला इंसाफ: विधायक आरिफ मसूद | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

37 वर्षाें के बाद भी गैस पीड़ितों को नहीं मिला इंसाफ: विधायक आरिफ मसूद | New India Times

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस हादसे को 37 वर्ष होने वाले हैं। इस हादसे की जद में आए परिवारों के सामने अभी भी समस्याएं बनी हुई हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर गैस पीड़ितों की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों ने ’37 साल पर 37 सवाल’ का अभियान शुरु किया है। यह सवाल गैस पीड़ितों के इलाज, मुआवजा, दोषियों को सजा, सामाजिक पुनर्वास, रोजगार व प्रदूषित जमीन की सफाई जैसे मुददों से जुड़े हुए हैं। इसी को बल देने के लिए आज विधायक आरिफ मसूद गैस पीड़ित संगठनों द्वारा डी.आई.जी. बंगला चौराहे पर दिये जा रहे धरने पर पहुुंचकर उनकी मांगों का समर्थन किया।
विधायक आरिफ मसूद ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि 37 वर्ष बीत जाने के बाद भी गैस पीड़ित रोज़गार, इलाज और मुआवजे से वंचित हैं, 37 साल के बाद भी गैस पीड़ित तिल-तिल कर मर रहे हैं उन्हें सही इलाज और मुआवजे की अति आवश्यकता है। प्रत्येक गैस पीड़ित को कम से कम 8 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाए। गैस पीड़ित विधवा पेंशन से वंचित महिलाओं को 1 हज़ार रूपये प्रतिमाह की पेंशन दी जाए।

आगे आरिफ मसूद ने कहा कि प्रदेश सरकार से लीज की शर्ताें के मुताबिल डाव केमिकल को भोपाल के मिट्टी, पानी की सफाई करने के लिए मजबूर किया जाए। यूनियन कार्बाइड कारखाने के पीछे ज़हरीले तालाब में सिंगाड़े उगाने और मछली पालन का कार्य चल रहा है जो कि बहुत ही खतरनाक है, पानी में ज़हरीली गैस का असर है इस कार्य पर रोक लगाई जाए।

गैस पीड़ित संगठनों की ओर से 37 साल 37 सवाल के धरने को आज 18 दिन हो चुके हैं। धरने में मुख्य रूप से भोपाल गैस पीड़ित स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी, भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एण्ड एक्शन की रचना ढिंगरा, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरूष संघर्ष मोर्चा नवाब खान, शहज़ादी बी, डाव कार्बाइड के खिलाफ बच्चे नोशीन खान आदि उपस्थित थीं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.