त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र के देवरी जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली चरगुवा ग्राम पंचायत के वन विभाग की जमीन पर वर्षों से काबिज़ वहां के करीब 19 आदिवासी परिवार के लोग जो अपने छोटे कच्छे मकान की झोपडी बना कर वहां की कुछ जमीन पर खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे थे वहां पर शुक्रवार को गौरझामर रैंजर, डिप्टी रैंजर तथा अन्य स्टाफ तथा 100 पुलिस गाड़ी के साथ मौजूद लोगों ने आदिवासियों के घर व उसमें रखा सभी सामान खाने पीने कपड़े सरकारी कागज आदि सब जला कर राख कर दिये, न ही उन लोगों को पहले से कोई सूचना दी न जानकारी दी न ही कुछ समय दिया सीधे आकर टीम के साथ आग लगा दी. वहां मौजूद आदिवासी भाईओं और महिलाओं ने जब आग लगाने का विरोध किया तो उनके साथ वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने मारपीट की तथा जातिसूचक गाली गलोज व अभद्र भाषा में गाली भी देकर महिलाओं को अपमानित किया गया. इस पूरे मामले की जानकारी देवरी के कांग्रेस विधावक हर्ष यादव व जनपद अध्यक्ष आंचल आठया को लगी तो वहां दोनों जनप्रतिनिधि घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़ित लोगों का हाल जान उनको हिम्मत बधाई और कहा कि आपके साथ हम लोग पूरी ताकत के साथ खडे़ हैं आपको न्याय दिला कर मानेंगे. जब दोनों जन प्रतिनिधि घटना स्थल पर पहुंचे तो जिला प्रशासन को जानकारी लगते है जिले से कलेक्टर, एसपी, डीएफओ आदि घटना स्थल पर पहुंचे जहां पूरे मामले में जांच कर पीड़ित लोगों से जानकारी प्राप्त की वहीं विधायक व जनपद अध्यक्ष ने प्रशासन के अधिकारियों को पूरे घटना क्रम के बारे में बताया व संबंधित अधिकारी रैंजर, डिप्टी रेंजर के साथ मौजूद स्टाफ पर कार्यवाही तथा पीड़ित आदिवासी भाईयो को आवास पट्टा मुआवजा राशि तथा आवास आदि की मांग की जिसमें कलेक्टर, एसपी ने तीन दिन का जांच के लिये समय मांगा जिसके लिये देवरी एसडीएम व एसडीओपी को टीम में रखा गया तथा तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने की बात कही व पीडित लोगों को अनाज व बरसाती देने के लिये एसडीएम को तुरंत निर्देश दिये गये.

जिसके बाद देवरी की जनपद अध्यक्ष आंचल आठया ने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में दलित वर्ग के साथ लगातार घटनायें घटित हो रही हैं. दलित वर्ग की न ही बच्चियां महिलायें इस मध्यप्रदेश के जंगल राज में स्वंय को न सुरक्षित महसूस कर रही है न ही पुरुष वर्ग. आये दिन दलित वर्ग को प्रताड़ित किया जा रहा है. क्या यह जंगल राज चल रहा है? मध्यप्रदेश कानून व्यवस्था कुछ भी नहीं है. क्या जो लापरवाह अधिकारी अपने मनमर्जी से गरीब दलितो पर अत्याचार कर रहे है और मुख्यमंत्री चुप्पी साध के बैठे है या भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान एक ओर आदिवासी भाईयो को रिझानें का काम करते है उनको पट्टे देने रोजगार देने आदि की बात करते है तथा आदिवासी भाईयो को हेलीकाप्टर पर घुमा कर वर्ग विशेष का स्वंय को हितेशी बनने का ढोंग करते है और मंच से बडी बडी दलित वर्ग को रिझाने वाली बाते करते है जिससे उनकी राजनीति बनी रहे उनकी गद्दी पर आने वाले चुनावो मै खतरा पैदा न हो मगर बर्तमान स्थिति मै लगातार मध्यप्रदेश मै दलित वर्गो के साथ भेदभाव किया जा रहा है उन के साथ आये घटनाये घटित हो रही है तब मुख्यमंत्री जी चुप्पी साधे बैठे है देवरी क्षेत्र मै राजनैतिक तौर पर जो स्थानातरण भी किये गये उनमे सिर्फ दलित वर्ग के ज्यादा स्थानातरण कि ये गये व दलित वर्ग के शिक्षको को भी अधिकारी लगातार प्रताडित कर रहे है अब दलित वर्ग भी जांग चुका है कांग्रेस पार्टी दलित वर्ग की हितेशी है जल्द ही पूरे क्षेत्र के दलित मामलो से क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जी को पत्र लिखकर अवगत कराया जायेगा और लापरवाह अधिकारीयो के खिलाफ जल्द बड़ा आन्दोलन प्रदर्शन किया जायेगा.
