सागर जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह के अडियल रवैये से बीमार शिक्षक हो रहा है मानसिक रूप से प्रताड़ित व परेशान, हाईकोर्ट के आदेश की जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं अवहेलना, जल्द गिर सकती है गाज | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सागर जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह के अडियल रवैये से बीमार शिक्षक हो रहा है मानसिक रूप से प्रताड़ित व परेशान, हाईकोर्ट के आदेश की जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं अवहेलना, जल्द गिर सकती है गाज | New India Times

देवरी तहसील के रायखेडा ग्राम के शासकीय माध्यमिक शाला स्कूल देवरी में जो एक मात्र शिक्षक जमना आठया थे जिनका राजनैतिक रूप से जिला शिक्षा अधिकारी सागर द्वारा ट्रान्सर्फर करा दिया गया. जिला शिक्षा अधिकारी ये भी मानवता भूल गये कि जिस दलित शिक्षक का ट्रान्सर्फर किया है उसका कुछ समय पहले एक्सीडेंट हुआ था जिसका पैर का ऑपरेशन हुआ था व हाथ भी फैक्चर था और डॉ ने रेस्ट करने के लिए भी कहा था. ऐसे बीमार परेशान शिक्षक तक नही छोडा और शासकीय माध्यमिक शाला रायखेडा के बच्चों के भविष्य का भूल कर शिक्षक बिहीन कर दिया गया. वहां ट्रान्सर्फर के बाद अन्य शिक्षकों को पदस्थ नहीं किया गया. जब पीडित दलित शिक्षक ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों के यहां जाकर गुहार लगाई तो उन सभी ने एक भी नहीं सुनी तब जाकर पीडित शिक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा कर न्याय की गुहार लगाई तब कोर्ट से आदेश हुआ कि दो वर्ष तक का स्टे व उसी स्कूल में यथावत रखा जाये. जब हाई कोर्ट का आदेश लेकर 15/9/2021 को आवेदन लेकर जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह के पास पहुंचे तो उन्होंने मिलने से मना कर ऐसा ही देवरी के शिक्षा विभाग के अधिकारी गणो ने यथावत रखने से मना कर दिया तब पीडित शिक्षक ने पुनः हाईकोर्ट का दरवाजा. न्याय के लिये का दरवाजा खटखटाने के साथ ही कोर्ट ऑफ कंटेम्प की कार्यवाही के लिये आवेदन किया. इसके बाद भी दबंग जिला शिक्षा अधिकारी ने एक न सुनी. वहीं देवरी के अन्य स्थानातरण हुये शिक्षकों ने बताया कि वो मिलने जाने पर राजनैतिक बात करते हैं कि कांग्रेस के होंगे तब तो स्थानातरण हुआ और पीडित शिक्षकों की सुनवाई तक नहीं की. इस प्रकार के व्यवहार से स्पष्ट जाहिर होता है क्या ये भाजपा के एंजेट बने बैठे हैं, क्या यह भूल गये कि आप सरकारी कर्मचारी हैं न की नेता के. सरकार तो आती जाती है पर कर्मचारी सिर्फ जनता का सेवक होता है. जिला शिक्षा अधिकारी ये भी भूल रहे हैं कि सरकार से बडा उच्च न्यायालय होता है तब भी न्यायालय आदेश भी मानने से मना कर दिया गया. जानकारी से पता चला है कि महोदय जी किसी मंत्री के संरक्षण में दो पदो पर प्रभारी बने वैठे हैं, ऐसी क्या मेहरबानी है कि दोनों पदों पर इनको ही प्रभार दिया गया. जिला शिक्षा अधिकारी सागर अजब सिंह जी का गजब ही खेल है शा माध्यमिक शाला रायखेडा में अभी भी शाला प्रबंधन समिति का चुनाव भी नहीं करवाया गया. वहां के लोगों ने 181 पर शिकायतें भी दर्ज की हैं.

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