आगा खान फाउंडेशन ने गेहूं, सरसों व प्याज की उन्नत खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन | New India Times

फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

आगा खान फाउंडेशन ने गेहूं, सरसों व प्याज की उन्नत खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन | New India Times

आगा खान फाउंडेशन (भारत) परियोजना समुदायिक आधारित सौर ऊर्जा चलित सिंचाई प्रणाली परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच में गेहूं, सरसों व प्याज की उन्नत खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ शैलेंद्र सिंह द्वारा सरसों व गेहूं की खेती उन्नत खेती पर विस्तार रूप से जानकारी किसानों को दिया गया जिसमें सरसों के लिए किसानों से ऐसे भूमि का चयन ना करें जो अम्लीय भूमि हो न्यूट्रल भूमि का चयन करें तथा सरसों की बुवाई के लिए बलुई मिट्टी व दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है प्रमाणित बीज का उपयोग करें यदि पुराने बीज का उपयोग कर रहे हैं तो उसे ट्राइकोडरमा से उपचारित कर लें.
5 ग्राम एक किलोग्राम बीज के संशोधित करें
सरसों की खेती के लिए बताया गया कि लाइन से लाइन की दूरी 25 सेंटीमीटर होना चाहिए गहराई 2 से 4 सेंटीमीटर होना चाहिए पौधों से पौधों की दूरी 8 से 10 सेंटीमीटर होना तथा बोने के 20 से 25 दिन बाद निराई करना चाहिए बुवाई के बाद 72 घंटे के अंदर ही खर पतवार को नष्ट करने के लिए पेंडीमैथी दवाई का 2से 3 लीटर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से करना चाहिए पहली सिंचाई 25 दिन के बाद वह दूसरी सिंचाई फूल निकलने से पहले करना चाहिए इस सरसों का उपज बेहतर बनाना चाहते हैं तो उसमें मधुमक्खी के 3 से 4 बक्सा प्रति हेक्टेयर के हिसाब से लगाएं तो उनका 15 से 20 प्रतिशत उपज और बढ़ जाएगा डॉक्टर शैलेंद्र सिंह द्वारा गेहूं की शून्य जुताई की विधि के बारे में भी विस्तार रूप से जानकारी दिया गया कि लागत को कैसे कम करके उत्पादन में वृध्दि हो ,गेहूं का बुवाई का समय नवंबर का प्रथम व द्वितीय सप्ताह सही समय होता है किसान को 15 से 25 नवंबर तक गेहूं की बुवाई कर लेना चाहिए गेहूं की प्रजातियां पंतनगर हरियाणा से आती हैं जिसमें विभिन्न प्रकार की प्रजातियों हैं जैसे DVW 187, HD3086, HD3226, HD3271 आदि के उपज के बारे में जानकारी दिया गया।
इसके बाद डॉक्टर बी.पी. शाही द्वारा प्याज के बारे में विस्तार रूप से बताया गया जिसमें बताया गया कि 10 किलोग्राम बीज 1 हेक्टेयर के लिए जरूरत पड़ती है 25 अक्टूबर से नर्सरी लगाएं 50 से 60 दिन बाद नर्सरी की कटाई करें प्याज सड़ने के मुख्य कारणों पर उन्होंने प्रकाश डालते हुए बताया कि खाद एवं उर्वरक का संतुलित प्रयोग करने से प्रयोग करें यूरिया का ज्यादा प्रयोग ना करें नर्सरी में बल्ब बनने के समय नमी होना चाहिए प्याज की कटाई 50 ℅ गर्दन झुकने के बाद ही करें कटाई करने 1 सप्ताह बाद गर्दन काटे फिर छांव में बल्ब रखें तथा पतियों को उसके ऊपर से 1 सप्ताह के लिए ढक दें इस प्रकार से प्याज का सही से भण्डारण किया जा सकता है इसके बाद कृषि उपनिदेशक महोदय द्वारा किसान की आय कैसे बढ़ेगी इसके बारे में चर्चा किया गया जिसमें बताया गया कि लागत कम लागत कम को कम करें
उपज बढायें तथा मार्केट अच्छी मिले इन सब चीजों से किसान की आय बढ़ सकती है. इस अवसर पर आगा खान फाउंडेशन से श्री ताबिश मलिक सर, श्री नीरजा मैम, आदर्श सिंह, मनोज कुमार यादव प्रभाकर मौर्य, सम्मानित किसान लोग मौजूद रहे. अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षण का समापन किया गया।

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