भैरु सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT; 
शहर आवारा पशुओं की समस्या से त्रस्त है और आवारा पशुओं के कारण आये दिन दुर्घटनाए भी बढ़ रही हैं अब तक कई लोग जान गवा चुके हैं तो कई गंभीर रूप से घायल हुए पर नगर निगम प्रशाशन मस्ती में मस्त है इन्ही समस्याओं को लेकर सत्ता पक्ष के पार्षद भगवती प्रशाद गोड़ ने कई मर्तबा महापोर नारायण चोपड़ा को पत्र लिखे, निगम की बैठकों में इस गंभीर समस्या को उठाया पर इस पुरे मामले में महापौर गंभीर नहीं और इसी से त्रस्त होकर गोड़ आज सुबह 10 बंजे सुरसागर के पास करनी माता मंदिर से रैली के रूप में अपने समर्थक उप महापौर अशोक आचार्य ,के के शर्मा,समाज सेवी सोनल पारीक, राज कुमार, शभु गहलोत, श्याम सुंदर, हसन रजा, चौधरी,सोहन सिंह, प्रभु राम सहित सेकड़ो जन के साथ नगर निगम पहुचे और पूर्व घोषित अनशन शरू कर दिया।
अनशन शरू होने के तुरंत बाद महापौर नारायण चोपड़ा, निगम आयुक्त जेसवाल के साथ अनशन स्थल पर पहुच अनशन पर बैठे भगवती प्रशाद, श्याम सुंदर सहित सभी को मनाने की कवायद शरू की पर उचित निर्णय नहीं लेने तक अनशन स्थगित नहीं करने के निर्णय पर अनशनकारी अडिग रहे और इस दौरान वार्ता में सभी ने महापौर पर निस्किर्यता का आरोप भी लगाया इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष ज़ावेद पड़िहार भी कांग्रेसी पार्षदों के साथ पहुच अनशन को दिया समर्थन ।
के के शर्मा ने शहर में कांजी हाउस (आवारा पशुओं को रखने का स्थान) बनाने की मांग रखी तो वही समाजिक कार्यकर्त्ता सोनल पारीक ने कहा की निगम प्रशाशन की ड्यूटी बनती है शहर को साफ़ सुथरा रखने की और इन सब पर निगम निस्किर्य बना हुआ है ,निगम को शहर में आम जन को इन आवारा पशुओं से निजात दिलानी होगी ।
NIT प्रतिनिधी भैरू सिंह ने महापौर से बात करते पूछा की आखिर शहर की इतनी बड़ी समस्या पर आप चुप क्यों है तो महापौर ने कहा कि राज्य सरकार और गौ शालाओं के बीच अब समझौता हुआ है और निगम अब जल्द से जल्द आवारा पशुओं को इन गौ शालाओं के हवाले कर देगा और गौ शालाओं को अनुदान का वितरण कर दिया गया है। वहीं इस सवाल पर की सत्ता पक्ष के पार्षद अनशन पर क्या आपसी समन्वय की कमी है तो महापौर बोले कमी नहीं भ्रांति है कुछ और चुपी साध ली, वही निगम में कल हुए गाली गलोच के सवाल को भी टाल गए।
