सरवर खान जरीवाला, भोपाल, NIT; 
मप्र के अशोकनगर जिले में पदस्थ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के के श्रीवास्तव को एक ही बैंक में सारे खाते खुलवाने के एवज में अपने कर्मचारियों द्वारा बैंक मैनेजर से 2 लाखों रुपए की रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत सीईओ ने पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों को अपने विभाग के कर्मचारी से फोन लगवाया एवं उससे दो लाख रुपए की मांग की, जिसकी शिकायत जिला बैंक कर्मचारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कर दी। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ के.के.श्रीवास्तव को अपर सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास शोभा निकुंभ ने निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व भी विभाग ने जिला पंचायत सीईओ को सभी शासकीय योजनाओं के खाते एक बैंक में करने की शासकीय योजना पर अमल करने के निर्देश दिया था।
पंचायत सीईओ जिसमें जिला एवं जनपद पंचायतों में एकल बैंक खाते की व्यस्था करते हुए विभिन्न योजनाओं के भिन्न भिन्न बैंक खातों को बंद किये जाने संबंधी निर्देश जारी किये गये थे। जारी निर्देश के अगले दिन ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा अपने अधीनस्थों के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक अशोकनगर ब्रांच में एकल खाता खोलने के एवज 2 लाख रुपए की मांग करवा दी। शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर निलंबन की कार्यवाही की गई। निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय विकास आयुक्त मध्यप्रदेश भोपाल रहेगा।
