हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने आज सुबह काेराेना की तीसरी लहर की तैयारियाें की समीक्षा की। बैठक माेतीमहल में आयाेजित की गई थी, जिसमें सभी विभागीय अफसराें के अलावा जनप्रतिनिधि भी माैजूद थे। इस दाैरान पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कहा कि डबरा में सिविल अस्पताल ताे है, लेकिन व्यवस्थाएं बिल्कुल सिविल अस्पताल जैसी नहीं है। इस पर प्रभारी मंत्री नेे कहा कि कलेक्टर साहब पचास लाख ताे मिल चुके हैं, अब अस्पताल कब तक बनेगा। इसके पूर्व प्रभारी मंत्री ने जिला अस्पताल मुरार का भी निरीक्षण किया।
इस पर कलेक्टर ने उन्हें प्राेजेक्ट की स्थिति से अवगत कराया। प्रभारी मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं काे बेहतर बनाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी मंत्री ने सीएमएचओ काे निर्देश दिए कि कमियां मिलने पर जिन निजी अस्पतालाें काे बंद किया जा रहा है, उनकाे तुरंत दाेबारा चालू करने की परमिशन नहीं दी जाए। वहीं कलेक्टर काे निर्देश दिए कि काेराेना ड्यूटी के दाैरान जिन सरकारी कर्मचारियाें की मृत्यु हुई है, उनके स्वजनाें काे तीस दिन के अंदर घर जाकर अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाए। इस मामले में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने पूछा कि काेराेना ड्यूटी के दाैरान जिन लाेगाें की मृत्यु हुई थी, उनकाे पचास लाख की राशि मिल चुकी है या नहीं। इसके बाद उन्हाेंने कलेक्टर काे निर्देश दिए कि जिन लाेगाें काे राशि मिलना बाकी है, उसका निराकरण कर तत्काल प्रकरण शासन काे भेजे जाएं।
इन विभागाें काे दिए ये निर्देशः
पुलिसः प्रभारी मंत्री ने एसपी काे निर्देश दिए कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाएं, इसके लिए बकायदा कार्ययाेजना तैयार करें। जिसके तहत ही आगामी कदम उठाए जाएं।
नगर निगमः प्रभारी मंत्री ने बदहाल सड़काें काे लेकर निगमायुक्त शिवम वर्मा से कहा कि बारिश में सड़काें पर गड्ढे हाेने से हादसाें की आशंका रहती है, साथ ही जलभराव भी हाेता है। इसलिए बकायदा प्लानिंग करके गड्ढाें काे भरने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। जिससे जलभराव की स्थिति निर्मित न हाे।
प्रशासनः जयाराेग्य अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग मिलकर काेराेना की तीसरी लहर की तैयारियां करें, बेड व संसाधन बढ़ाए जाएं।
