वी. के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

बुधवार की देर शाम डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया ने सीडीओ अरविंद सिंह की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में 10 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्य (सड़कों को छोड़कर), 10 लाख से अधिक लागत सड़क परियोजनाओं व सीएम की घोषणा वाली परियोजनाओं की बिंदुवार, मदवार समीक्षा की, संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि समीक्षा में उन्होंने पाया कि जिले में अधिकांशत कार्यदायी संस्थाओं की भौतिक प्रगति ठीक नहीं है। अतः सभी वर्किंग एजेंसी अपनी कार्यपद्धति में सुधार लाएं। नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों में त्वरित गति से पूर्ण कराए।डीएम ने विगत वर्ष की 10 पूर्ण परियोजनाओं के हैंडओवर किए जाने की अद्यतन प्रगति जानी। उन्होंने ऐसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की जिन्हें शासन से धन अवमुक्त हुए 05 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो गया किंतु परियोजनाएं अबतक पूर्ण नहीं हुई। इस पर संबंधित वर्किंग एजेंसी से कारण जाना एवं जरूरी निर्देश दिए।
समीक्षा में डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में स्वीकृत परियोजना राजकीय पॉलिटेक्निक नौरंगाबाद में 60 की क्षमता वाले महिला छात्रावास का कार्यदायीं संस्था सीएलडीएफ (लखनऊ यूनिट) निर्माण अबतक पूरा नही कर सकी। जिसपर डीएम ने कहा कि 2010 की स्वीकृत परियोजना का अब तक पूरा न होना गंभीर प्रकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण पर प्रमुख सचिव (प्राविधिक शिक्षा) को उनके स्तर से पत्र लिखा जाए। जिसका पृष्ठांकन मुख्य सचिव, उप्र शासन को भी किया जाए। वही संबंधित वर्किंग एजेंसी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कार्यदायीं संस्थाओं को सचेत करते हुए कहा कि वह किसी भी परियोजना का कोई भी पुनरीक्षित आगणन नहीं भेजगे। अतः कार्यदायीं संस्थाएं सभी स्वीकृत परियोजना ससमय, गुणवत्ता से बांड के अनुसार पूरा करें। इसमें शिथिलता परिलक्षित होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। वही जो परियोजनाएं धनाभाव के कारण पूर्ण नहीं हो पा रही हो। उन प्रकरणों में धन आवंटन हेतु उनके स्तर से पत्र भेजा जाए ताकि समय से परियोजनाएं पूर्ण हो सके
एमएसडीपी योजना की समीक्षा में डीएम ने ब्लैक लिस्ट हो चुकी वर्किंग एजेंसी सीएनडीएस (जल निगम) से संबंधित परियोजनाएं जानी, उनपर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं उन्हें हैंडओवर कराया जाए।
उन्होंने समाज कल्याण विभाग के चार प्रोजेक्ट की समीक्षा की जो कार्यदायीं संस्था यूपीआरएनएसएस लखनऊ यूनिट को स्वीकृत हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 04 करोड़ से अधिक धनराशि का है। डीएम ने निर्देश दिए कि डीएसडब्लूओ एई-आरईडी के साथ के स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता पर अपनी रिपोर्ट फोटो सहित डीएसटीओ के माध्यम से उन्हें प्रस्तुत करें। 10 करोड़ से अधिक लागत की जिले की तीन परियोजनाएं जिन पर पुनरीक्षित आगणन प्रेषित किया गया। संबंधित कार्यदायीं संस्था पुनरीक्षित आगणन पर जो भी शासन से आपत्ति हो, उसका निराकरण कराकर यथाशीघ्र धनराशि अवमुक्त करवाने की कार्यवाही करें। जहां किसी प्रकार की समस्या आए तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से अवगत कराएं।
सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने में जुटे अफसर : डीएम
समीक्षा में डीएम ने कहा कि शहर में सड़कों की स्थिति बदतर है। वही पीडब्ल्यूडी एक्सईएन एनके यादव को निर्देश दिए कि वह सभी संबंधित विभागो से समन्वय कर सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने की कार्ययोजना बनाकर उनके समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि सड़कों को जल्द ही गड्ढामुक्त किया जा सके। अमृत योजना के तहत शहर के जिन सड़कों की खुदाई जल निगम द्वारा की गई व कार्य के बाद उन सड़कों को त्वरित गति से दुरुस्त कराएं। अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऑक्सीजन प्लांट की हुई समीक्षा
डीएम ने जिले में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट की समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वर्किंग एजेंसी यूपीएसआईसी को निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान में 30 जून व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी में 07 जुलाई तक ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो जाए। शेष अन्य प्लांट भी जल्द ही शुरू कर दिए जाएं। यह शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में एक है। सीडीओ ने निर्देश दिए कि तय समय पर अनिवार्य रूप से काम पूरा कर ऑक्सीजन प्लांट चालू करें।
