अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई मामूली बारिश ने नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। नगर निगम नालों की सफाई पर लाखों रूपये खर्च करती है लेकिन उसके बावजूद नालों की सफाई नहीं हो पाती है। मामूली बारिश से भरे हुये नाले भ्रष्टाचार की तरफ़ इशारा कर रहे हैं।
भोपाल के कई क्षेत्रों में पानी निकासी की व्यवस्था ठीक न होने के कारण आज मामूली बारिश से मोहल्लों एवं सड़कों पर पानी भर गया, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर लगा रहा। जगह जगह जलजमाव हो जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही थीं। कई मुहल्लों में तो लोगों को पानी में घुसकर ही आवाजाही करनी पड़ी।

आप को बता दें कि बारिश से पहले नालियों की सफाई नहीं हुई है जिस से नालियां चोक हो गई हैं ।इस कारण बारिश का पानी नालियों में न बहकर सड़क पर जमा हो गया जिस से राहगीरों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं बीते दिनों भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने जिले के नगरीय एवं ज़िला पंचायत निकायों को निर्देश दिये थे कि आगामी दिवस में सभी नाली – नालों की साफ-सफाई करा ली जाए ।वर्षा काल में किसी भी निकाय में जलभराव की स्थिति नही होनी चाहिये।लेकिन नगर निगम अधिकारियों द्वारा उनके इस आदेश को नकार दिया गया है जिस का जीता जागता मिसाल आज न्यू कबाड़ खाना एवं डीआईजी चौराहा बना।
