अबरार अहमद खान, स्टेट ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में क़ब्रस्तानों की हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं जिनकी ओर न क़ब्रस्तानों की सुरक्षा समितियों का ध्यान है और न ही मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड का ना ही मुस्लिम समाज के लोगों का. इस पर जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने ऐतराज़ जताते हुए मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड और क़ब्रस्तानों कि सुरक्षा समितियों को इन हालात का ज़िम्मेदार ठहराया है।

हाजी इमरान का कहना है कि शहर के क़ब्रस्तानों के हालात बत्तर हैं, क़ब्रस्तान में आए दिन इस तरह की आपत्तिजनक तस्वीर सामने आ रही हैं जिनमें मरहूमीन की हड्डियों को क़ब्रों से बाहर निकाल कर फेंक दिया जाता है।हाजी इमरान ने बताया कि बड़ा बाग़ क़ब्रस्तान में एक ऐतिहासिक कुआं भी है जिस के गंदे पानी में कफन और मृतकों की हड्डियों का ढेर लगा देखा जा सकता है जिस से ज़ाहिर होता है कि ज़िम्मेदार सिर्फ यह समितियां और विभाग ही नहीं समाज के लोग भी हैं जो इन हालात पर भी आखें मूंदे हुऐ हैं। क़ब्रस्तान बड़ा बाग़ की बाउंड्री वाल भी असुरक्षित है जिसकी वजह से क़ब्रस्तान में 24 घंटे जुआरी, शराबी और मानसिक बीमारी के शिकार लोग देखे जा सकते हैं पर इन की ओर किसी का ध्यान नहीं है।जमीअत उलमा मध्यप्रदेश ने इस समाचार के माध्यम से एक बार फिर शहर के क़ब्रस्तानों की सुरक्षा एवं साफ सफाई रोशनी और क़ब्रस्तानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की मांग मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड और क़ब्रस्तानों कि सुरक्षा समितियों से की है ताकि इन हालात पर क़ाबू पाया जा सके।

वहीं हाजी इमरान ने यह भी कहा है कि क़ब्रस्तान समितियां क़ब्रस्तानों की सुरक्षा और व्यवस्था को दुरुस्त करने में नाकाम है उनको भंग कर अन्य जागरूक लोगों की समितियां गठित की जाए ताकि क़ब्रस्तानों की सुरक्षा हो सके साथ ही साथ मुस्लिम समाज से भी अपील की है की वह खुद भी क़ब्रस्तानों की सुरक्षा साफ सफाई की ओर ध्यान देते रहें और अपने स्तर पर भी जागरूक हों. यदि क़ब्रस्तानों में जगह नहीं बची है तो अन्य खाली पड़े क़ब्रस्तानों में भी दफन की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए.
