अरशद आबदी, झांसी ( यूपी ), NIT;
झांसी नगर मोहल्ला मेवतीपुर अज़खानाये मोहोम्मद, नक़ी के अज़खाने में बरपा हुई, जिसे अंजुमन सदाय ए हुसैनी के सभी मातम लोगों की मौजूदगी रही एवं अंजुमन सदा ए हुसैनी के सभी मातमदार और समस्त शिया समुदाय की उपस्थिति में मौला अली, अ ,स ,की शहादत पर 19 रमज़ान को मज्लिस बरपा हुई। जिसमें (ईरान से आये आली जनाब मौलाना फ़रमान अली आब्दी ) ने इमाम अली अ,स, के फ़ज़ाइल और मसाएब बयां किये जिसको सुनकर सारे मजमे में ग़म का माहौल छा गया। सभी ने ग़म का इज़हार करने के लिए काले कपडे पहन कर आपने ग़म का इज़हार किया।
मौलाना फ़रमान अली आब्दी ईरानी ने फरमाया की हज़रत अली अलैहिस सलाम को नमाज़ की हालत में अब्दुल रेहमान इब्ने मुल्जिम ने धोके से नमाज़ में ज़हर से बूझी तलवार से मस्जिदे कूफ़ा में हमला कर के सरे मुबारक़ को तन से जुदा कर दिया था। जिसको सुनकर सभी मातमदरों में ग़म का माहौल छा गया। बाद मजलि मौला अली के ताबूत की ज़ियारत और आलमे मुबारक़ की सभी ने ज़ियारत की और नोहा ख्वानी हाशिम अली, समर आब्दी, मर्सिया ख्वानी हाजी अली नवाब साहब ने की। जिसमें बदायू से आये सैय्यद शिराज़ हुसैन रिज़वी ने भी इमाम की शहादत पर शोक मनाया। जिसमें मौजूद संयोजक, (फ़ुरक़ान हैदर आब्दी ,एवं,क़मर आब्दी ,) एम्, सै, शहीद राज़ा आब्दी ,ज़ाहिद रज़ा आब्दी, आरिफ़ राज़ आब्दी, इंतज़ार हुसैन साहब ,फायेक साहब ,ज़मीन आब्दी ,शाकिर आब्दी ,सगीर आब्दी, मुजाहिद हुसैन स,मासूम रज़ा ,गुलफ़ाम आब्दी, काशिफ आब्दी, फैज़ान आब्दी ,फ़ाह्यान आब्दी, ज़ेनुल आब्दी , ने इमाम की शहादत पर मातम और इस ग़म के माहौल में अपने इमाम को पुरसा देकर हज़रत अली अ,स,के ताबूत की और आलम की ज़ियारत कराई गई।
