आम की बाग में रस्सी के सहारे लटकता मिला 20 वर्षीय युवक का शव | New India Times

सद्दाम हुसैन, लखनऊ (यूपी), NIT:

आम की बाग में रस्सी के सहारे लटकता मिला 20 वर्षीय युवक का शव | New India Times

नगराम थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव में 20 वर्षीय युवक उमाशंकर पुत्र स्व. भरतलाल ने रस्सी का फंदा बनाकर आम की बाग में पेड़ की डाली से लटक कर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची नगराम पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार की दोपहर गढ़ा गांव के बाहर उत्तर दिशा में स्थित आम की बाग में पेड़ की डाली से लाल रंग की प्लास्टिक रस्सी के सहारे फंदा बनाकर उमाशंकर पुत्र स्वर्गीय भारत लाल निवासी गढा पोस्ट नगराम जनपद लखनऊ ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। गांव के बाहर आम की बाग में युवक की फांसी लगाने की सूचना की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और हड़कंप मच गया। कुछ ग्रामीणों आम की बाग में लटके उमाशंकर के शव की सूचना परिजनों को दी मौके पर पहुंचे परिजनों में मां बहन और भाइयों में कोहराम मच गया।घटनास्थल पर जांच करती पुलिस युवक की मां गायत्री देवी ने बताया कि एक दिन पहले गांव के बाहर पिंडौली गांव के पास स्थित खेतों में पानी लगा था पानी पूरा ना होने पर दूसरे दिन भी सुबह उमाशंकर के साथ परिवार के सभी लोग पानी लगाने खेत गए हुए थे। जिसमें कुछ देर बाद उमाशंकर वापस घर चला आया। और घर में अकेला होने पर आक्रोश में आकर उसने गांव के बाहर स्थित आम की बाग में पेड़ की डाल पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की मां गायत्री देवी ने बताया उमाशंकर घर में सबसे बड़ा था। दस महीने पहले लॉकडाउन में हुई पिताजी की मौत के बाद उमाशंकर पढ़ाई छोड़कर खेती बाड़ी का काम करता था। मृतक युवक के दो छोटे भाई हरि शंकर और कृपाशंकर वा दो बहने संतोषी और कंचन हैं जिसमें संतोषी की शादी हो गई है। नगराम इंस्पेक्टर मोहम्मद अशरफ ने बताया मृतक के चाचा हनुमान शरण द्वारा दी गई तहरीर मैं बताया गया कि युवक से किसी का कोई मतलब नहीं था उसने स्वयं से फांसी लगाई है। जिसका परिवार वालों से कोई लेना देना नहीं है नगराम पुलिस ने ग्रामीणों के समक्ष शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.