भोपाल सायबर क्राइम ने मेडिकल कॉलेज में एडमीशन के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले अर्न्तराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल सायबर क्राइम ने मेडिकल कॉलेज में एडमीशन के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले अर्न्तराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश | New India Times

भोपाल सायबर क्राइम ने एक ऐसे अन्तर्राज्यीय गिरोह का
पर्दाफाश करने में कामियाबी हासिल की है जो मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर करोड़ों रूपये की ठगी कर चुके हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 08.02.2021 को आवेदक के द्वारा शिकायत की गई कि इन्दौर स्थित नीट काउन्सलिंग नामक कंपनी के द्वारा मुझे मेडिकल कॉलेज में एडमीशन के नाम से फोन पर संपर्क किया एवं एमपी नगर भेपाल में मुलाकात कर खाते में पैसे जमा करवा लिये और मेरे साथ एडमीशन के नाम पर धोखाघड़ी की गई। प्राप्त आवेदन की जांच की गई जिसमें कुल 02 बैंक खातों में फरियादी से पैसा जमा कराया गया। बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर बैंक खातों के उपयोगकर्ताओं एवं मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं के विरूद्व अपराध क्र-28/2021 धारा 420 भादवि का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। जिस में पता चला कि www.neetcounselling.com के माध्यम से नीट में परीक्षा दे चुके छात्रों को फंसाया जाता था। इसके लिये नीट में परीक्षा दे चुके छात्रों के बारे में डाटा आरोपीगण द्वारा www.studentdatabase.com साइट से खरीदकर neetcounselling साइट पर लेते थे। उसके बाद मेसेज व फोन द्वारा छात्रों से संपर्क कर नीट काउन्सलिंग की बेवसाइट विजिट करने को कहा जाता था। जहां आरोपीगण द्वारा 50000, 25000 और 5000 रुपये की तीन प्रकार की सर्विस ली जाती थी। जिसमें से 50000 रुपये की सर्विस में छात्रों को एमबीबीएस की सीट उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था तथा विभिन्न शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, बैग्लोर तथा पुणे आदि शहरो में काउन्सलिंग के लिये छात्रों को बुलाकर 50000 रुपये जमा कराये जाते थे और उसके बाद आरोपीयों द्वारा मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया जाता था। विवेचना के दौरान फरियादी द्वारा दिये गये समस्त दस्तावेज व साक्ष्यों का इलेक्ट्रानिक विवेचना के आधार पर www.neetcounselling.com साइट के ओनर आरोपी अरुगुण्डा अरविन्द कुमार उर्फ आनन्द राव अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर नीट काउन्सलिंग नाम से कंपनी का संचालन करता है जिसमें आरोपी फरियादियों से संपर्क कर उन्हें मेडिकल कॉलेज में एडमीशन के नाम पर फोन पर संपर्क करते थे और मुलाकात करते थे उसके बाद लोगों से मोटी रकम एडमीशन के नाम पर कंपनी के करन्ट अकाउन्ट में जमा कराते थे, पैसा जमा कराने के बाद लोगों से संपर्क करना बंद कर देते थे। आरोपीयों द्वारा एक कॉल सेंटर संचालित किया जाता था जिसमें मुख्य आरोपी आनन्द राव कंपनी का संचालन करता था और सहयोगी के रुप में राकेश कुमार पवार, अनामिका (परिवर्तित नाम) एवं अन्य है।

पुलिस कार्यवाहीः सायबर क्राइम जिला भोपाल की टीम द्वारा अपराध कायमी के पश्चात तकनीकि एनालिसिस के आधार पर त्वरित कार्यवाही कर कुल 03 आरोपीयों को गिरफ्तार किया गया.

आरोपीयों से प्रकरण में प्रयुक्त 15 कम्प्यूटर, 12 लेपटॉप, 27 मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, 01 पासपोर्ट, 02 बैंक चेकबुक व अन्य दस्तावेजों को जप्त किया गया है।

पुलिस टीम– उनि भरतलाल प्रजापति, प्रआर प्रतीक उइके, आर. तेजराम सेन, आर. आदित्य आर. रुपेष पटेल, आर. उदित दण्डोतिया, आर. यतिन चौरे, आर. सुमित कुमार.

पकडे़ गये आरोपीयों का विवरण एवं आपराधिक रिकार्ड

1. अरविन्द कुमार उर्फ आनन्द राव —नाम परिवर्तित कर कंपनी संचालन एवं प्रबंधन, 2. राकेश कुमार पवांर —–कॉल सेण्टर का संचालन करना, कर्मचारियों की भर्ती एवं वेतन का प्रवंधन करना, 3. अनामिका (परिवर्तित नाम)—-एडमीशन के लिये छात्रों से मीटिंग करना।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.