जनपद के न्यायपंचायत स्तर पर तैयार करें प्रगतिशील किसान: सहकारिता मंत्री  | New India Times

फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT; ​जनपद के न्यायपंचायत स्तर पर तैयार करें प्रगतिशील किसान: सहकारिता मंत्री  | New India Timesशासन के मंशानुसार किसानों की आय दुगुनी करने के उद्देश्य से जनपद में विकास खण्डवार आयोजित किये जा रहे खरीफ गोष्ठी की श्रृखंला में रानीबाग, कैसरगंज में खरीफ कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्यान, पशुपालन, कृषि, भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, विभिन्न हाईब्रिड बीज उत्पादक प्रतिष्ठानों, इफको आदि द्वारा प्रदर्शनी पण्डाल भी लगाये गये। मुख्य अतिथि प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने प्रदर्शनी पण्डालों का अवलोकन कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। 

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए श्री वर्मा ने कहा कि किसान देवता है, वह हमें अन्न देता है, इसलिए वह अन्नदाता भी कहलाता है। हम सभी का यह कर्तव्य होना चाहिए कि किसानों के हित में सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का भरपूर लाभ मिले जिससे किसानों का विकास हो। सरकार की मंशा है कि किसानों की आय दुगुनी हो इसके लिए आवश्यक है कि किसानों को समय से अच्छी प्रजाति के बीज, खाद, सिंचाई के संसाधन असानी से उपलब्ध हो जिससे किसानों की ऊपज में बढोत्तरी हो और उनकी ऊपज का उन्हंे वाजिफ मूल्य भी प्राप्त हो इससे निश्चित रूप से किसानों की आय में बढोत्तरी होगी। ​जनपद के न्यायपंचायत स्तर पर तैयार करें प्रगतिशील किसान: सहकारिता मंत्री  | New India Timesमा. मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों के ऊपज का वाजिफ मूल्य दिलाये जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में लगभग 32 लाख मैट्रिक टन गेंहू का क्रय किया गया है जिसमें लगभग 18 लाख टन सहकारी संस्थाओं द्वारा क्रय किया गया है जो एक रिकार्ड है। किसानों को अच्छी प्रजाति के बीज प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए प्रदेश में प्रर्याप्त मात्रा में बीज की व्यवस्था की गयी है तथा किसानों का किसी स्तर पर शोषण न हो इसके लिए बीज अनुदान की धनराशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा रही है। किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पडे इसके लिए भी प्रदेश में पर्याप्त मात्रा मे खाद की व्यवस्था की गयी है। किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की समस्या न आये इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में एक निश्चित धनराशि की व्यवस्था की गयी है। 

सरकार का मानना है कि किसानों की आय दूगुनी हो इसके लिए आवश्यक है कि जमीन की सेहत भी अच्छी हो इसलिए मृदा परीक्षण पर केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी विकास खण्डों में मृदा परीक्षण के नई मशीन की व्यवस्था की गयी है जिससे तत्काल मिट्टी की जांच सम्भव होगी। इस मशीन से मिट्टी की जांच हीं नही बल्कि मशीन यह भी जानकारी देगी कि आप को किस खेत में कौन सी खाद का प्रयोग करें और कौन सी फसल बोंये। जब मिट्टी की उर्वरा शक्ति ठीक होगी तो उत्पादन भी बढेगा इससे किसानों की आय भी बढेगी।

 उन्होंने कहा कि यह भूमि जिस रूप में हमारे पूर्वजों ने दी है हमारा कर्तव्य है कि इस भूमि को उसी स्वरूप में आने वाली पीढी को दें। यह तभी सम्भव है जब हम अपने मिट्टी के सेहत का बराबर ध्यान रखें और उसका नियमित परीक्षण कराते रहेंगे। बेहतर है कि हम कम से कम रसायनिक खादों का प्रयोग करें, देशी खाद, कम्पोस्ट व जैविक खादों पर ज्यादा ध्यान दें और फसल चक्र अपनायें। इसके अतिरिक्त भूमि की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के लिए सनई ढैचा का भी प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को यह भी सलाह दी कि किसान भाई अपनी आय में बढोत्तरी के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी, रेशम उद्योग, औद्यानिक खेती, मत्स्य पालन, वृक्षारोपण आदि भी अपना सकते हैं। उन्होंने कृषि सेक्टर से जुडे अधिकारियों को निर्देश दिया कि कम से कम जनपद के प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक प्रगतिशील किसान अवश्य तैयार करें और भारत को विकास में दुनिया का यशस्वी देश बनायें। ​जनपद के न्यायपंचायत स्तर पर तैयार करें प्रगतिशील किसान: सहकारिता मंत्री  | New India Timesकृषि अधिकारी डा. अश्विनी कुमार सिंह ने गोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विभाग द्वारा संचालित सोलर पम्प योजना, कृषि यन्त्र, हाईब्रिड बीज पर अनुदान, मृदा परीक्षण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इफको के जिला प्रबन्धक राजेश मौर्य ने फसल में प्रयोग की जाने वाली उर्वरकों की जानकारी देते हुए बताया कि इफको खाद की दुकानों, सहकारी समितियों आदि से खाद खरिदते समय किसान भाई रसीद अवश्य प्राप्त करें क्योंकि इफको द्वारा बीमा की सुविधा दी जा रही है। उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार सागर ने मुख्य अतिथि व किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। गोष्ठी में प्रगतिशील किसान शक्तिनाथ सिंह ने किसानों को अपने अनुभवों की जानकारी देते हुए देशी गाय पालने की अपील की। जबकि पशु चिकित्साधिकारी कैसरगंज ने गलाघोटू टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए किसानों से अपील की अपने पशुओं को इस बीमारी का टीका अवश्य लगवायें। 

गोष्ठी के दौरान मुख्य अतिथि मा. मंत्री श्री वर्मा ने 17 किसानों को सोयाबीन व तिल के बीज का मिनीकिट तथा 05 किसानों को मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड का वितरण किया। गोष्ठी का संचालन उद्यान निरीक्षक आरके वर्मा ने किया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी कैसरगंज पंकज कुमार, जिला गन्नाधिकारी राम किशन, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारी समितियां नविन चन्द शुक्ला, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एमबी सिंह, गौरव वर्मा, कौशलेन्द्र सिंह सहित अन्य क्षेत्रीय गणमान्यजन, जन प्रतिनिधि व भारी संख्या में कृषक बन्धु मौजूद रहे। 

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