वसई विरार शहर महानगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह पर जाम पडे हैं नाले, मनपा अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भरष्टाचार का लग रहा है आरोप | New India Times

सुहेल फ़ारूक़ी, वसई-विरार (महाराष्ट्र), NIT; ​वसई विरार शहर महानगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह पर जाम पडे हैं नाले, मनपा अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भरष्टाचार का लग रहा है आरोप | New India Timesवसई-विरार शहर में मनपा की लापरवाही के कारण नाले जाम पडे हुए हैं।मामूली बारिश होने से ही मनपा की पोल खुल गई है।​वसई विरार शहर महानगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह पर जाम पडे हैं नाले, मनपा अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भरष्टाचार का लग रहा है आरोप | New India Timesनालासोपरा पुर्व के वाकन पाडा ए.के. कम्पाउन्ड, प्रमार, चौधरी कम्पाउन्ड, मुस्तफा कम्पाउऩ्ड, मदीना चाल, तैयबा नगर आदि सभी जगहों पर पहली ही बारिश में घरों में बारिश का गन्दा पानी घुसने लगा है। लोगों का आरोप है कि मनपा क घूसखोर अधकरियों की आखों में नोटों की पट्टी लगी हुई है। उनको कुछ दिख नहीं रहा है। गरीब रहवासियों का बारिश में क्या हाल है इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। बडे बडे दावे करने वाले स्थानिय नगरसेवकों को भी जाम पडे नालों की कोई फिक्र नहीं है।उनके तथाकथित एजेंट इन इलाकों में अवैध बांध काम के नाम पर वसूली करने में लगे में हैं। यहां न पानी सुविधा है और न ही नाली व पक्के रास्ते बने हैं।बरसात के पहले वाकनपाडा के सभी रास्ते पक्का करने का दावा करने वाले अब रोपोश हो चुके हैं।​वसई विरार शहर महानगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह पर जाम पडे हैं नाले, मनपा अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भरष्टाचार का लग रहा है आरोप | New India Timesस्थानीय लोगों का कहना है कि आवज उठाएं तो कैसे, कोई सुनता ही नहीं है, चाहे महानगर पालिका का आफीसर हो या नगर सेवक सब के दरवाजे बन्द हैं।बताया जाता है कि बजट नहीं है और टेंडर पास होने में सालों लग जाते हैं। सरकार बदली लेकिन कानून नही बदला। यहां वसूली चालू है। पहले  अवैध बांधकाम और अन्य चीजों के नाम पर वसूली चल रही थी, अब चिकन, मटन, मछली पर जोरदार वसूली चल रही है। पैसा कमाने क नया नया जरिया बना दिया जाता है। जिस चीज पर रोक लगाया जाता है वही से हफ्ता चालू हो जाता है। विमल पर रोक फिर भी चालू और हफ्ता जारी,  मटन पर रोक हफता चालू। 

कुल मिलाकर यह कि वसई-विरार शहर में मनपा अधिकारियों और स्थानीय लीडरों का वसूली चरम पर है। अब नागरिकों के घरों में गंदा पानी घुसे या रोड रास्ते नाली बन जाएं इस से इन्हें कोई फर्क पडने वाला नहीं है।बस इन्हें कमीशन और हफ्ता वसूली का हिस्सा बराबर मिलते रहना चाहिए ??? 

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