रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ झाबुआ (मप्र), NIT:

8 दिसंबर को भारत बंद के दौरान देश के किसानों के समर्थन में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक ज्ञापन जिसमें किसानों के हित में ना होकर पूंजीपतियों के हितार्थ में लाए गए तीन कृषि कानूनों को खारिज करने की मांग को ज्ञापन में उल्लेखित कर कहा गया कि भाजपा का कभी भी किसानों से कोई लगाव नहीं रहा, इस तुगलकी कानून से अपने चंद व्यापारी मित्रों को लाभ पहुंचाने की नीयत से ही भाजपा ने किसानों की खेती उनके अर्थतंत्र को ही दांव पर लगाकर लोकसभा व राज्यसभा में भारी विरोध के बावजूद चुपचाप तरीके से किसानों के साथ कुठाराघात कर नए कानून लाद दिए गए जिसका आज संपूर्ण देश में किसान विरोध कर रहे हैं।
कांग्रेस हमेशा से किसान समर्थक रही है कृषि व कृषि अर्थव्यवस्था को कांग्रेस ने हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज देशभर के कांग्रेस जनों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए भारत सरकार से तीनों किसान विरोधी बीलों को खारिज करने की मांग की है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, संभागीय कांग्रेस प्रवक्ता साबिर फिटवेल, महामंत्री वीरेंद्र मोदी, जनपद अध्यक्ष शंकर सिंह भूरिया, युवा कांग्रेस नेता आशीष भूरिया, बबलू कटारा, प्रवक्ता हर्ष भट्ट, रतन मेडा, कालू सिंह भूरिया, शंकर वास्केल, विशाल राठौर, रमेश भाबोर, तार सिंह वसुनिया आदि उपस्थित थे।
