मानवता शर्मसार: जिला अस्पताल से महिला मरीज़ को जबरन डिस्चार्ज कर भगाया, पति हाथ ठेले पर ले जाने को हुआ मजबूर | New India Times

आसिम खान, ब्यूरो चीफ, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मानवता शर्मसार: जिला अस्पताल से महिला मरीज़ को जबरन डिस्चार्ज कर भगाया, पति हाथ ठेले पर ले जाने को हुआ मजबूर | New India Times

मानवता को शर्मसार करने की घटना जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में देखने को मिली है जहाँ जिला अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज किए जाने के बाद एक व्यक्ति पति अपनी चोटिल पत्नी को हाथ ठेले में ले जाते हुए नजर आया। पत्नी को हाथ ठेला में लिटाकर लिए जा रहे पति करण उईके ने बताया कि आठ दिन पहले पोला ग्राउंड के पास एक मैजिक वाहन ने उसकी पत्नी को टक्कर मार दी थी जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आई थीं जिसके बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार की शाम अस्पताल से यह कहते हुए छुट्टी दे दी गई कि जाओ अब नागपुर-जबलपुर जहां इलाज कराना हो लेकर चले जाओ। करण उईके ने बताया कि वह भीख मांगकर गुजारा करता है, उसका घर भी नहीं है ऐसे में घायल पत्नी को लेकर वह कहां जाए यह समझ में नहीं आ रहा है। अस्पताल में बोला कि अभी और रहने दो लेकिन वे नहीं माने और ले जाने के लिए पर्ची थमा दी।

हाथ ठेले पर पत्नी को लेकर नजर आए करण उईके ने बताया कि सिवनी रोड शक्कर मिल के पास उसका मकान है। जहां उसके बच्चों ने उसे विवाद के चलते घर से निकाल दिया है। पिछले सात-आठ साल से वे बेघर होकर भीख मांग कर गुजारा कर रहे हैं।

जिला अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि डिस्चार्ज किए जाने के संबंध में हमें जानकारी नहीं है।

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