कर्मचारियों के वेतन से जबरन कटौती के निर्णय के खिलाफ शिक्षक संघ शेखावत ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रर्दशन कर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

कर्मचारियों के वेतन से जबरन कटौती के निर्णय के खिलाफ शिक्षक संघ शेखावत ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रर्दशन कर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन | New India Times

राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह एक दिन का वेतन कटौती करने के निर्णय के खिलाफ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रर्दशन कर जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिये। धौलपुर जिले में जिला मंत्री अविनाश अग्रवाल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक यादवेन्द्र शर्मा ने बताया कि राज्य कर्मचारियों ने पूर्व में ही अपनी क्षमता से अधिक राशि राज्य हित में मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की है। लेकिन सरकार ने पूर्व में मार्च माह का वेतन स्थगित किया तथा अब प्रतिमाह वेतन कटौती का फरमान जारी कर दिया है और उपार्जित अवकाश के भुगतान पर रोक लगा दी है। केन्द्र सरकार ने पहले ही कोरोना की आड़ में जनवरी 2020 से डेढ़ बर्ष के लिए मंहगाई भत्ता फ्रीज करने का फरमान जारी कर दिया था जिसका राज्य सरकार भी अनुसरण कर रही है। सरकार ने पैट्रोल, डीजल और बिजली पर अतिरिक्त टैक्स लगाया है जिससे महंगाई बढ़ी है और आम कर्मचारी भी महंगाई की मार से प्रभावित हो रहा है। इस प्रकार सरकार कर्मचारियों का चारों ओर से शोषण कर उसकी कमर तोड़ने में लगी है। प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक यादवेन्द्र शर्मा ने कहा कि सरकार को राज्य कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर तरस आना चाहिए तथा राजनेताओं और नौकरशाहों पर किए जा रहे बेतहाशा खर्चों पर रोक लगाकर आम जनता को राहत पहुचानी चाहिए जिलाध्यक्ष विशाल गिरि गोस्वामी एवं जिलामंत्री अविनाश अग्रवाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार व्दारा राज्य कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह वेतन कटौती के निर्णय से राज्य कर्मचारी एवं शिक्षकों में भारी असंतोष व आक्रोश है। इसीलिए सरकार आने वाले समय में कर्मचारियों के असंतोष का सामना करने के लिए तैयार रहे। इतिहास गवाह है जब जब राज्य कर्मचारी सरकारी दमन के खिलाफ हुंकार भरता है तब-तब सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं। इसलिए सरकार मार्च माह के वेतन का अबिलम्ब भुगतान करे और वेतन कटौती के निर्णय को तत्काल वापिस ले अन्यथा सरकार की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ आन्दोलन तेज किया जाएगा। विरोध प्रर्दशन एवं ज्ञापन देने वालों में यादवेन्द्र शर्मा, अविनाश अग्रवाल, श्यामवरन कांसल, ओमप्रकाश गुर्जर, बच्चूसिंह गोस्वामी, शेर सिंह चौहान, अरविन्द चौधरी, सौरव, हरी सिंह राना, अरविन्द सिंह, मुनेश कुमार शर्मा, बृजमोहन शर्मा, वीरेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, प्रेमसिंह त्यागी, वीरेंद्र कुमार राजपूत आदि शिक्षक शामिल थे।

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