मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

वाल्मिकी समाज की लंबित मांग भूमि मालिकाना हक के संबंध में मंगलवार को वाल्मिकी संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने क्षेत्रीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
संस्थापक अध्यक्ष उमेश जंगाले ने बताया कि शहर में स्थित वाल्मिकी समाज के 176 क्वाटरों के भूमि के मालिकाना हक की मांग पिछ्ले 2 वर्ष से संगठन द्वारा की जा रही है। निगमायुक्त समाज के 176 हितग्राहियों में से 60 लोगों को भूमि मालिकाना हक देने पर राजी हुए थे, जिसका संगठन ने विरोध किया था। संगठन की मांग है की पूरे 176 कर्मियों को मालिकाना हक दिया जाये। विरोध बढ़ता देख निगम आयुक्त ने 60 के बजाये 122 हितग्राहियों को मालिकाना हक देने का निर्णय लिया और शेष बचे 54 लोगों को शासन का हवाला देते हुए इंकार किया। उनके द्वारा कहा गया की मालिकाना हक केवल उन्हीं लोगों को दिया जा सकता है जो वर्तमान में निगम में नौकरियों पर कार्यरत हैं। ऐसे सफाई कर्मी जोकि रिटायर हो चुके हैं उन्हें मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता है। जंगाले ने कहा की शासन के आदेश में इस बात का कही उल्लेख (ज़िक्र) नहीं है कि रिटायर कर्मियों को मालिकाना हक नहीं दिया जाये। इंदौर जैसे शहर में रिटायर सफाई कर्मियों को मालिकाना हक दिया गया है। सफाई कर्मी उन मकानों में 70 वर्षों से अधिक समय से निवासरत हैं। समाज के लोग जीर्ण-शीर्ण (जर्जर) क्वाटरों में रहने को मजबुर हैं जिन में कई बार बडी घटनाएं घट चुकी हैं और भविष्य में भी घटना घट सकती हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सार्वजनिक रुप से घोषणा की है की जो लोग जहां निवास कर रहे हैं उन्हें उस भूमि का मालिकाना हक दिया जाये। उमेश ने बताया कि सांसद नंदकुमार सिंह चौहान से हमने आग्रह किया है की वह निगम आयुक्त को तत्काल स्थाई एवं रिटायर सभी 176 कर्मियों को भूमि मालिकाना हक प्रदान करने हेतु निर्देशित करें। जंगाले ने कहा की हमने निगम से ठेका पद्धति (आउटसोर्सिंग) को भी बंद कर बेरोजगारों को सीधे भर्ती देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मियों को कलेक्टर रेट अनुसार और बैंक द्वारा वेतन नहीं दिया जा रहा है जिसमें कर्मियों का शोषण हो रहा है। यदि 8 दिवस में मांग पूरी नहीं होती है तो वाल्मिकी संगठन विवश होकर उग्र आन्दोलन करने पर उतारु हो जायेगा। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को ठप कर निगम आयुक्त के तबादले की मांग सहित अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन करेंगे। सांसद ने सभी पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण किया जाएगा। इस दौरान संग्राम बालगौहर, सुमेर जंगालीया, सहदेव बोयत, गोविंद चावरे मौजूद थे।
