मध्यप्रदेश शासन, शिक्षा विभाग की "रुक जाना नहीं" योजना से उर्दू मीडियम के छात्र छात्रों का भविष्य हुआ अंधकारमय | New India Times

मेहलका अंसारी, बुरहानपुर/भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश शासन, शिक्षा विभाग की "रुक जाना नहीं" योजना से उर्दू मीडियम के छात्र छात्रों का भविष्य हुआ अंधकारमय | New India Times

ऐसे छात्र और छात्राएं जो सन 2020 में माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश भोपाल की 10वीं और 12वीं कक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं उनका भविष्य खराब होने से बचाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “रुक जाना नहीं” योजना को लांच करके अगस्त 2020 में ही उनकी दोबारा परीक्षा लेने का निर्णय किया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर के साथ इस योजना का मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार किया गया था। इस योजना के तहत हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के फॉर्म तो सुविधा पूर्वक भरे गए लेकिन उर्दू माध्यम के छात्रों को फॉर्म भरने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और आज भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। शासन एवं शिक्षा विभाग में बैठे विद्वानों के इस प्रकार का असंगत निर्णय करने से उर्दू मीडियम के छात्रों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। सरकारी शिक्षक ताहिर नक्काश सोशल मीडिया के माध्यम से मुस्लिम बच्चों के भविष्य को लेकर समय-समय पर अपनी चिंता व्यक्त करते रहे हैं एवं उनकी भावना एवं आवाज को सोशल मीडिया के माध्यम से बुलंद करते हैं और खरी खोटी लिखते हैं लेकिन हमारी कौम के रहनुमाओं की गैरत नहीं जागती है कि वह अपनी कौम के बच्चों के हक में आवाज बुलंद करके उन के कंधे से कंधा मिलाकर उनका भविष्य संवारने में शामिल हों।

अंसार इफ्तेखार हायर सेकेंडरी स्कूल बुरहानपुर के शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर अकरम ज़िया अंसारी ने बताया कि पहले तो उर्दू माध्यम के छात्रों के लिए रुक जाना नहीं योजना बंद कर दी गई। “पब्लिक लुक वेब पोर्टल” एनएसयूआई सहित कुछ सामाजिक संगठनों के माध्यम से जब इस अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद की गई तो उर्दू माध्यम के छात्रों के “रुक जाना नहीं” योजना के फॉर्म भराए गए लेकिन ऑनलाइन फॉर्म भरने में एक कंडिका यह जोड़ दी गई कि इस की परीक्षाएं मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड भोपाल के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी अर्थात छात्र छात्राओं ने पूरे शैक्षणिक वर्ष में माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार अपनी स्टडी की है एवं जब परीक्षाएं ली जाएंगी तो वह मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड भोपाल के पाठ्यक्रम अनुसार ली जा जाएंगी। शिक्षा विभाग के इस प्रकार के आदेश से उर्दू माध्यम के छात्र अनेक कठिनाइयों के साथ अपने भविष्य को लेकर परेशान है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। रुक जाना नहीं योजना के फॉर्म भरे जाने को लेकर मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड भोपाल के एक पूर्व अध्यक्ष ने इसका राजनैतिक श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्ट करके वाहवाही तो बटोरी है लेकिन ज़ीरो ग्राउंड पर उर्दू मीडियम के छात्र परेशान हैं। शिक्षा विभाग मैं बैठे विद्वानगण इस ओर ध्यान देकर उनकी कठिनाइयों को दूर करके उनका भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।

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