खालिद गौरी, हरदोई/लखनऊ (यूपी), NIT:

हरदोई जिले के थाना पिहानी क्षेत्र में एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसमें पुलिस की हर जगह आलोचना की जा रही है। आपको बताते चलें कि पिहानी थाना क्षेत्र के मगरापुर निवासी शुभम पुत्र रामकिशन, संजय, सिवांजय ने एक वृद्ध बंदर को मृत पेड़ पर लटका देखा जिसको लेकर युवकों द्वारा ग्रामीणों के सामने उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुछ अराजक तत्व द्वारा इस बात की सूचना पुलिस को दी गई जिस पर सहादत नगर चौकी इंचार्ज रमेश यादव, कांस्टेबल अनूप सिंह, कांस्टेबल विकास यादव द्वारा शुभम, संजय एवं शिवांजय को पकड़ लिया गया। शुभम द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो पुलिस द्वारा विभिन्न फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की भी धमकी दी गई जिससे बचने के लिए उक्त पुलिसकर्मियों द्वारा ₹20000 की मांग की गई जिस पर शुभम ने ₹20000 ना होने की बात कही। इस बात की सूचना शुभम के घरवालों को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर पुलिस को मैनेज कर ₹3000 देकर शुभम को छुड़वाया जिसको लेकर शुभम की सामाजिक जग हंसाई हुई जिस से आहत होकर शुभम ने आज पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से मिलकर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। शुभम ने यह भी बताया कि यह किस कानून के तहत किसी बंदर का अंतिम संस्कार करना गैरकानूनी व न्याय विरुद्ध है जिसके तहत पुलिसकर्मियों द्वारा हम लोगों को पकड़ कर थाने ले जाया गया और पैसे लेकर हम को छोड़ा गया, इसकी निष्पक्ष जांच कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।
