साबिर खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर को देश-विदेश के दलित समुदाय के लोग अपना मसीहा मानते हैं और उनके सम्मान में जय भीम से संबोधन करते हैं। कुछ दिन पहले उज्जैन के स्थानीय अखबारों द्वारा एक खबर प्रकाशित की गई जिसमें बताया गया कि मध्य प्रदेश के जिला उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने जय भीम बोलने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दरअसल उज्जैन के कुछ पुलिस कर्मचारी बाबा साहब के प्रति अपना सम्मान रखते हुए वायरलेस पर जय भीम से संबोधन करते हुए एसपी मनोज कुमार सिंह के संज्ञान में आए। इस पर एसपी ने उन पुलिस कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। अखबारों के अनुसार एसपी ने कहा कि जय हिन्द और जय महाकाल के अलावा जो भी कोई पुलिसकर्मी जय भीम बोलता पाया गया तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर पुलिस कर्मचारियों का कहना था कि बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर ने देश का संविधान लिखा और बाबा साहब कानून के जनक भी हैं। यह खबर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उज्जैन पुलिस को देश भर में दस लाख से ज्यादा बार फेसबुक पर जय भीम लिखा गया और ट्विटर पर जय भीम उज्जैन पुलिस एक लाख ट्वीट्स के साथ टॉप ट्रेंड कर गया। एसपी मनोज कुमार सिंह का व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। जिससे एक दिन में सैकड़ों फोन कॉल एसपी के नंबर पर अा रहे हैं।
उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह द्वारा जय भीम संबोधन पर दी गई कानूनी कार्रवाई की धमकी से सोशल मीडिया में नई बहस छिड़ गई है। वहीं अखिल भारतीय भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने उज्जैन के एसपी मनोज कुमार सिंह के नाम धमकी भरा वीडियो जारी करके तहलका मचा दिया है। गुरुग्राम-दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक और पूरे देश भर में भीमसेना चीफ़ की वीडियो ने नई बहस को जन्म दे दिया है। तंवर की यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गई है। जिसे तंवर ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज, प्रोफाइल, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और टिक-टॉक पर भी शेयर किया है। यह वीडियो व्हाट्सएप के ग्रुप्स में भी जबरदस्त वायरल हो रही है। वीडियो में नवाब सतपाल तंवर ने एसपी उज्जैन की धमकी दी है कि देश में रहना होगा तो जय भीम कहना होगा। तंवर ने एसपी को उनका नक्शा पलट देने की चेतावनी भी दे डाली। इससे भीम सेना और उज्जैन पुलिस में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एसपी के जय भीम पर दिए गए फरमान और तंवर की वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। सवाल है कि यदि देश में रहना होगा तो क्या जय भीम कहना होगा? तंवर का कहना है यह देश हमारा है और जो जय भीम नहीं बोलेगा वह यूरेशिया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के कारण एसपी मनोज कुमार सिंह मानसिक रूप से तनाव में हैं। परेशान होकर उन्हें अपनी सफाई देनी पड़ी है। एसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वे राजनीति शास्त्र के छात्र रहे हैं और उन्होंने बाबा साहब अम्बेडकर को पढ़ा है। बाबा साहब के प्रति उनका सम्मान पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा। एसपी ने खबरों का खंडन करते हुए कहा कि यह एक अफवाह है जबकि उन्होंने जय भीम पर कोई सवाल नहीं उठाया। एसपी ने कहा कि उन्हें भीमसेना चीफ़ की वीडियो मिली है जैसे वे बाबा साहब का सम्मान करते हैं ऐसे ही वे भीमसेना का भी सम्मान करते हैं।
सोशल मीडिया पर हो रहे ट्रोल से उज्जैन एसपी इस कदर परेशान हैं कि हर फोन कॉल पर वे जय भीम से ही संबोधन कर रहे हैं। फोन कॉल काटने से पहले भी वे जय भीम से ही संबोधन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे बाबा साहब का बहुत सम्मान करते हैं यह उन्हें बदनाम करने की साज़िश है। एसपी के नाम जारी कि गई भीमसेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर की यह वीडियो बहुत ही आपत्तिजनक है। जिसमें दो बार कहा गया है कि देश में रहना होगा तो जय भीम कहना होगा। तंवर का कहना है कि बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर संविधान निर्माता हैं, जो व्यक्ति संविधान के प्रति अपनी आस्था रखता है उसे जय भीम से संबोधन करना होगा अन्यथा वह व्यक्ति देशद्रोही है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया में ट्रेंड पकड़ लिया है।
बताया जा रहा है कि तंवर की इस धमकी से गुरुग्राम पुलिस के अधिकारी भी अनजान नहीं हैं लेकिन भीमसेना चीफ़ पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसे भीमसेना का खौफ कहें या गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों की तंवर के प्रति उनकी नरमी कहें। उनका कहना है कि यह मामला मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस का है। जबकि सच्चाई यह है कि भीमसेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर पर हाथ डालने से गुरुग्राम पुलिस हमेशा बचती अाई है। यह गुरुग्राम पुलिस की तंवर को शह ही कह सकते हैं जो वे कभी भी किसी को भी धमका सकते हैं। चार वर्ष पहले मशहूर हरियाणवी गायिका व डांसर सपना चौधरी ने भी तंवर की वजह से जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। भीमसेना प्रमुख पर महिला थाने में मुक़दमा तो दर्ज हुआ लेकिन चंड़ीगढ़ हाईकोर्ट ने तंवर की गिरफ्तारी होने से पहले ही वह मुकदमा खारिज कर दिया था। वहीं तीन वर्ष पहले सहारनपुर दंगों के आरोपी भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण को भी तंवर ने गुरुग्राम में ही छिपाया था। सहारनपुर पुलिस ने तंवर के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए लेकिन गुरुग्राम पुलिस के अंदरुनी समर्थन के चलते एक भी मुकदमे में तंवर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। पिछले वर्ष एससी/ एसटी एक्ट में किए गए बदलावों के विरोध में भीमसेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर ने हजारों लोगों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग को भी पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया था। जिसमें तंवर चंडीगढ़ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं। गुरुग्राम जिला सेशन कोर्ट में गुरुग्राम पुलिस द्वारा दिए गए जवाब के आधार पर भारत बंद में भीमसेना प्रमुख पर पिछले वर्ष देश के दस राज्यों में 25 मुकदमे दर्ज किए गए। जिसमें एक भी केस में तंवर के खिलाफ चार्जशीट तक पेश नहीं हो पाई है। गुरुग्राम में दर्ज केस में नवाब सतपाल तंवर को अग्रिम जमानत देने से चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने साफ इनकार कर दिया था। इस पर तंवर ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के जस्टिस सुदीप आहूवालिया को वीडियो जारी कर धमकी दी और जबरदस्ती अग्रिम जमानत भी प्राप्त कर ली। साइबर सेल में भी अनेकों शिकायतें तंवर के खिलाफ की गई लेकिन आज तक उनके खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। फरीदाबाद पुलिस द्वारा तंवर की गाड़ी में तलवारों का जखीरा बरामद किया गया। लेकिन शिकायतकर्ता ने अपने बयान बदल दिए और बयान बदलते ही शिकायतकर्ता की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसपर हाईकोर्ट ने फरीदाबाद पुलिस से जवाब तलब कर लिया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ पुलिस ने भी तंवर को अपनी रड़ार पर लिया। तंवर पर भाजपा के एक विधायक की हत्या करने की साजिश के आरोप लगे लेकिन मेरठ पुलिस कागजी खानापूर्ति में आज तक तंवर पर आरोप साबित नहीं कर पाई। अपने जमाने की कुख्यात डाकू व बाद में सांसद बनी फूलन देवी के हत्यारे शेर सिंह राणा की हत्या करने की साजिश के आरोप तंवर पर लगे लेकिन आरोप सिर्फ आरोप ही रहे और पुलिस के हाथ एक बार भी भीमसेना प्रमुख तक नहीं पहुंचें। गुरुग्राम पुलिस में दर्ज एक अन्य मामले में भी तंवर को काफी कोशिशों के बावजूद पुलिस अपनी कस्टडी तक में नहीं ले पाई और डयूटी मेजिस्ट्रेट ने उन्हें बंद कमरे में स्पेशल कोर्ट लगाकर जमानत दी। इन्हें तंवर के कानूनी दांवपेच कहें या पुलिस की नाकामी कहना मुश्किल है। इतना तय है कि भीमसेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर कभी भी किसी को भी धमकी दे देते हैं और उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती। अब उज्जैन पुलिस के एसपी मनोज कुमार सिंह को धमकी भरा वीडियो जारी करने से भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। गुरुग्राम पुलिस मामला मध्य प्रदेश के जिला उज्जैन का बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है। अखिल भारतीय भीम सेना का खौफ क्या पुलिस के गले की फांस बन गया है।
